रिपोर्टर – रणजीत सिंह, रायबरेली :- जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) एवं एक जनपद एक विशिष्ट उत्पाद (ओडीओसी) योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और विपणन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में उपायुक्त उद्योग परमहंस मौर्य ने ओडीओपी एवं ओडीओसी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि काष्ठकला, मसाले, पेड़ा और जलेबी से संबंधित इकाइयों की स्थापना पर परियोजना लागत के अनुसार विभिन्न श्रेणियों में अनुदान (सब्सिडी) प्रदान किया जाता है। साथ ही राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मेलों में प्रतिभाग करने वाले उद्यमियों को स्टॉल शुल्क की प्रतिपूर्ति का भी प्रावधान है। जिलाधिकारी ने जनपद के उत्पादों की उत्कृष्ट पैकेजिंग, मूल्य संवर्धन और ब्रांडिंग पर विशेष जोर देते हुए उपायुक्त उद्योग तथा निफ्ट (NIFT) के अधिकारियों को विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप विकसित कर उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जाए। बैठक में निफ्ट के संयुक्त निदेशक अमिताभ चौधरी एवं परियोजना समन्वयक भार्गवी कुमार अय्यर ने उत्पादों के लिए आकर्षक लोगो, बेहतर पैकेजिंग, ऑनलाइन मार्केटिंग, क्यूआर कोड, गूगल उपस्थिति तथा हेरिटेज स्टोरीटेलिंग विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर निफ्ट द्वारा उद्यमियों को पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग का प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि जनपद में आने वाले विशिष्ट अतिथियों को स्थानीय ओडीओपी एवं ओडीओसी उत्पाद उपहार स्वरूप दिए जाएं तथा जनपद से बाहर जाते समय भी इन उत्पादों को साथ ले जाकर उनकी व्यापक पहचान बनाई जाए। उन्होंने उपायुक्त उद्योग को ओडीओपी/ओडीओसी इकाइयों के संचालकों के साथ एमओयू हस्ताक्षर की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराने के निर्देश भी दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अंजूलता, उपायुक्त उद्योग परमहंस मौर्य, निफ्ट के अधिकारी, आईआईए अध्यक्ष उदित आजाद, लघु उद्योग भारती के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में उद्यमी एवं हस्तशिल्पी उपस्थित रहे।






