रिपोर्टर – नजीर मुलाणी, दहिवडी, महाराष्ट्र, माण (सातारा)खुटबाव :- सातारा जिले के माण तालुका स्थित खुटबाव गांव में अवैध शराब बिक्री का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। गांव की महिलाओं ने आरोप लगाया है कि यहां खुलेआम शराब की बिक्री हो रही है, जिससे गांव का सामाजिक माहौल बिगड़ता जा रहा है। महिलाओं का कहना है कि इस अवैध कारोबार के चलते कई परिवार बर्बादी की कगार पर पहुंच गए हैं और घर-घर में विवाद की स्थिति बन रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक गांव के पोलीस पाटील धनाजी चोपडे पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिन पर गांव की सुरक्षा और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी है, उन्हीं के कार्यकाल में अवैध शराब का कारोबार बेखौफ तरीके से चल रहा है। इसलिए लोगों में यह चर्चा है कि “रक्षक ही भक्षक बन गए क्या?” गांव की महिलाओं ने व्यसनमुक्त गांव बनाने के लिए कई बार प्रशासन के पास शिकायत की। उन्होंने सातारा के दहिवडी तक जाकर अधिकारियों से मुलाकात की और गांव को व्यसनमुक्त घोषित करने के लिए प्रस्ताव भी रखा। हालांकि, प्रस्ताव और शिकायतों के बावजूद अवैध शराब बिक्री बंद नहीं होने से महिलाओं में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन समय-समय पर कार्रवाई करता है, लेकिन उसके बावजूद शराब बिक्री पर पूरी तरह रोक नहीं लग पा रही है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि आखिर प्रशासन इस कारोबार को रोकने में नाकाम क्यों हो रहा है? कुछ ग्रामीणों ने तो गांव के प्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच सांठगांठ होने की भी आशंका जताई है। महिलाओं की मांग है कि अवैध शराब बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें जिले से हद्दपार किया जाए, ताकि गांव का माहौल सुधर सके और परिवारों को इस समस्या से राहत मिले।
अब गांव के लोगों की नजर माण तालुका के जनप्रतिनिधियों पर टिकी है। ग्रामीणों का कहना है कि इस गंभीर मुद्दे पर क्षेत्र के विधायक और ग्रामविकास मंत्री जयकुमार गोरे को हस्तक्षेप कर ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। फिलहाल सवाल यही उठ रहा है कि आखिर खुटबाव गांव में अवैध शराब का यह कारोबार कब बंद होगा और क्या गांव की महिलाओं को न्याय मिल पाएगा? यह मुद्दा अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनता जा रहा है।






