रिपोर्टर – नजीर मुलाणी, वसई, महाराष्ट्र :- वसई-विरार शहर महानगरपालिका के चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग ने विरार पूर्व क्षेत्र में अवैध रूप से डोनर स्पर्म का संग्रह और बिक्री करने वाली एक एजेंसी पर कार्रवाई करते हुए बड़ा भंडाफोड़ किया है। इस मामले में संबंधित दो लोगों के खिलाफ विरार पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है। महानगरपालिका के चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग द्वारा सहायक प्रजनन (नियमन) प्रौद्योगिकी अधिनियम 2021 और सरोगेसी (नियमन) अधिनियम 2021 के तहत कार्रवाई की जाती है। विभाग को मिली जानकारी के अनुसार विरार पूर्व स्थित पद्मीबाई टॉवर, एन. पी. रोड, सबवे के सामने स्थित “Jivdani Scientific Co.” में अवैध रूप से डोनर गामेट्स की बिक्री की जा रही थी। महानगरपालिका आयुक्त मनोजकुमार सूर्यवंशी (आईएएस), अतिरिक्त आयुक्त (चिकित्सा स्वास्थ्य) तथा उपायुक्त (चिकित्सा स्वास्थ्य) के मार्गदर्शन में चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भक्ति चौधरी ने एक चिकित्सा टीम गठित कर जांच के आदेश दिए। इसके अनुसार 9 मार्च 2026 को चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संबंधित स्थान पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान यह कंपनी मयूर भागवत संखे और कमलेश शंकर खुत की होने की जानकारी सामने आई। मौके पर निरीक्षण करने पर एक Cryoseal Cryogenic Container में डोनर स्पर्म संग्रहित पाया गया। इस कंटेनर में कुल 45 आर्टिफिशियल इन्सेमिनेशन डोनर स्पर्म वायल्स बरामद किए गए। प्राथमिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि डॉक्टर, अस्पताल या एजेंट द्वारा फोन पर मांग आने के बाद उनकी एजेंसी के माध्यम से डोनर स्पर्म के नमूने उपलब्ध कराए जाते थे। जांच में यह भी सामने आया कि यह स्थान सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (नियमन) अधिनियम 2021 के तहत एआरटी बैंक के रूप में पंजीकृत नहीं है और बिना किसी वैद्यकीय शैक्षणिक योग्यता के डोनर स्पर्म का संग्रह और व्यापार किया जा रहा था। इसलिए संबंधित आरोपियों के खिलाफ विरार पूर्व पुलिस थाने में आपराधिक मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच पुलिस कर रही है। वसई – विरार महानगरपालिका के चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस प्रकार की अवैध चिकित्सा सेवाओं से सावधान रहें।







