उ.प्र. लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री अनिल यादव बर्खास्त

मथुरा, रामनेवाई तिवारीः देश के सार्वजनिक जीवन में सूचिता लाने के लिये गठित फोरम आई.आर.आई. ने सरकारी नौकरियों में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्यवाही किये जाने के क्रम में उ.प्र. लोकसेवा आयोग में व्याप्त भ्रष्टाचार को समाप्त करने तथा उ.प्र. लोक सेवा आयोग के भ्रष्ट अध्यक्ष श्री अनिल यादव को निकाले जाने हेतु एक याचिका मा0 उच्च न्यायालय इलाहाबाद में दायर की थी जिस पर मा. न्यायालय ने आदेश पारित करते हुये उ.प्र. लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डाॅ. अनिल यादव की नियुक्ति को अवैध घोषित कर दिया तथा उन्हें अध्यक्ष के पद से हटाने के आदेश पारित कर दिये। आई.आर.आई. मा. उच्च न्यायालय के द्वारा पारित इस आदेश का स्वागत करता है तथा यह मानता है कि मा. उच्च न्यायालय के आदेश से आयोग द्वारा भर्तियों में हो रहे भ्रष्टाचार पर कड़ा अंकुश लगेगा तथा भ्रष्ट अधिकारियों एवं विभिन्न भर्ती आयोगों के भ्रष्ट पदाधिकारियों को भी करारा झटका लगेगा। आई.आर.आई. इस विजय को युवा वर्ग के संघर्ष की विजय बताया और आशा कि युवा पीढ़ी को लोक सेवा आयोग उ.प्र. में होने वाले भर्तियों में अब न्याय मिलेगा। इसी के साथ आई.आर.आई. ने युवा वर्ग का आहवान किया कि किसी भी स्तर पर हो रहे भ्रष्टाचार को कदापि स्वीकार न करें और उसके खिलाफ मजबूती से खड़े हों तथ आई.आर.आई. मा. उच्च न्यायालय के द्वारा पारित इस आदेश का स्वागत करता है तथा यह मानता है कि मा. उच्च न्यायालय के आदेश से आयोग द्वारा भर्तियों में हो रहे भ्रष्टाचार पर कड़ा अंकुश लगेगा तथा भ्रष्ट अधिकारियों एवं विभिन्न भर्ती आयोगों के भ्रष्ट पदाधिकारियों को भी करारा झटका लगेगा। आई.आर.आई. इस विजय को युवा वर्ग के संघर्ष की विजय बताया और आशा कि युवा पीढ़ी को लोक सेवा आयोग उ.प्र. में होने वाले भर्तियों में अब न्याय मिलेगा। इसी के साथ आई.आर.आई. ने युवा वर्ग का आह्नान किया कि किसी भी स्तर पर हो रहे भ्रष्टाचार को कदापि स्वीकार न करें और उसके खिलाफ मजबूती से खड़े हो आई.आर.आई. ने मा. उच्च न्यायालय के निर्णय से विभिन्न भर्तियों में जुड़े अधिकारियों पदाधिकारियों को सबक लेने की सलाह दी तथा यह भी कहा कि भर्तियों में भ्रष्टाचार को कदापि भी बर्दाश्त नहीं करेगा।

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