14 जून तक हर हाल में सभी गौ आश्रय केन्द्र संचालित करने की चेतावनी

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गोंडा/उत्तर प्रदेश, श्याम बाबू कमलः गौ आश्रय केन्द्रों पर समुचित व्यवस्था न मिलने पर सम्बन्धित अधिकारी दण्डित किए जाएगें। गौ संरक्षण केन्द्रों के निर्माण में आपेक्षित प्रगति न आने पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए एक सप्ताह की मोहलत दी है तथा यह भी चेतावनी दी है कि यदि क्रियाशील गौ आश्रयों में मवेशियों के मरने की सूचना आएगी तो दोषी कठोर कार्यवाही के लिए तैयार रहें। यह चेतावनी देवीपाटन मण्डल के आयुक्त महेन्द्र कुमार ने कैम्प कार्यालय पर आयोजित गौ आश्रय केन्द्रों के निर्माण व व्यवस्था की मण्डलीय समीक्षा के दौरान दी है।
आयुक्त ने कहा कि देवीपाटन मण्डल में गौ आश्रय केन्द्रों के निर्माण व आवारा पशुओं को पकडकर गौ संरक्षण केन्द्रों में संरक्षित करने की प्रगति संतोषजनक नहीं है। समीक्षा के दौरान ज्ञात हुआ कि मण्डल के जनपद गोण्डा में 32 गौ आश्रय केन्द्र ग्रामीण क्षेत्र में तथा 1 शहरी क्षेत्र में हैं जिनमें ग्रामीण क्षेेत्र गौ आश्रय केन्द्रों में 1601 तथा शहर में मात्र 20 पशु ही संरक्षित किए जा सके हैं। इसी प्रकार बलरामपुर में 51 गौ आश्रय केन्द्र ग्रामीण अंचल में तथा 5 केन्द्र शहरी क्षेत्र में स्थापित किए जाने थे जिसमें ग्रामीण क्षेत्र के 51 केन्द्रों में 824 पशु संरक्षित किए गए जबकि शहरी क्षेत्र में 5 में से 4 केन्द्र अभी निर्माणाधीन ही हैं। बहराइच में ग्रामीण क्षेत्र में 32 तथा शहरी क्षेत्र में 2 गौ आश्रय केन्द्र के सापेक्ष ग्रामीण क्षेत्र में 4293 तथा शहरी क्षेत्र में 187 पशु पकड़कर संरक्षित किए गए। इसी प्रकार जनपद श्रावस्ती में 17 गौ आश्रय केन्द्र में 1350 व शहरी क्षेत्र के 3 केन्द्रों में 120 आवारा पशुओं को संरक्षित किया गया। अब तक मण्डल में गौ आश्रय केन्द्रो में कुल 8629 आवरा पशुओं तथा कंाजी हाउस में 766 तथा ािन्हा गोशालाओं में 205 पश्ुाओं को संरक्षित किया जा चुका है। निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा के दोरान ज्ञात हुआ कि जनपद बहराइच में मात्र 15 प्रतिशत व बलरामपुर में 30 कार्य ही कराया जा सका है। मण्डलायुक्त ने नारजागी व्यक्त करते हुए कार्यदायी संस्था पैक्स फेड के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्माण कार्य में युद्धस्तर पर तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त ने 14 जून तक की निर्माण डेड लाइन लेते हुए चेतावनी दी है कि इसके बाद वे स्वयं गौ आश्रय केन्द्रों का निरीक्षण करेगें और कमियां या अनियमितता मिलने पर कठोर कार्यवाही करेगें।
बैठक में अपर निदेशक पशुपालन देवीपाटन मण्डल डाॅ. सादिक अली, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी बलरामपुर डाॅ. यादवेन्द्र प्रताप, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी श्रावस्ती डाॅ. विजय कुमार मलिक, डाॅ. शिव कुमार रावत तथा पैक्सफेड के अधिकारी मौजूद रहे।

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