पांच हजार की रिश्वत लेते रेजंर धरा गया

 

pजालौर/राजस्थान, उम्मेद सिंह राजपुरोहितः सिरोही जिला एसीबी ने बड़ी कार्यवाही करते हुए वनविभाग के रेंजर को 5 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकडा गया रेंजर गजेन्द्र सिंह ने यह रिश्वत आरा मशीन लगाने की एवज में मांगे से जिसे परिवादी की शिकायत के बाद एसीबी अधिकारी जितेन्द्रसिंह मेडतिया के नेतृत्व में यह कार्यवाही की गई। एसीबी अधिकारी जितेन्द्र सिंह मेडतिया ने बताया कि आबूरोड वनविभाग में कार्यरत गजेन्द्रसिंह ने आबूरोड के आकराभट्टा में रहने वाले मदनलाल सैनी द्वारा आकराभट्टा में आरा मशीन लगानी थी जिसको लेकर वन विभाग द्वारा वेरीफिकेशन किया जाना था जिसको लेकर पिछले लम्बे समय से मदनलाल रेंजन गजेन्द्र सिंह के चक्कर लगा रहा था पर गजेन्द्रसिंह द्वारा 10 हजार की रिश्वत मांगी गई और 5 हजार में सौदा तय पर मदनलाल ने पूरे मामले की जानकारी एसीबी को दी और एसीबी मे वन विभाग के रेंजर द्वारा रिश्वत मांगें जाने की शिकायत की गई।
मदनलाल द्वारा रेंजर की शिकायत मिलने पर उसे सत्यापित किया गया और मदनलाल को 5 हजार रूपए रेंजर गजेन्द्र सिहं को देने मदनलाल पैसे लेकर वन विभाग कार्यालय आबूरोड पहुचे जहां रेंजर नही मिले रंेजर ने मदनलाल को आबूरोड के अग्रवाल धर्मशाला के पास बुलाया रंेजर के बुलाए जाने पर मदनलाल वहां पहुचा और पैसे दिए जैसे ही मदनलाल ने पैसे दिए पीछा कर रही एसीबी की टीम ने मौके पर ही रेंजर गजेन्द्रसिंह को धर दबोचा और वन विभाग कार्यालय लेकर आए और नोटों का सत्यापन किया गया जिसमें एसीबी द्वारा दिए गए नोट की पाए गए। विओ एसीबी द्वारा की कई कार्यवाही के बाद मौके पर हडकम्प मच गया एसीबी की टीम रिश्वतखोर रेंजर को लेकर आबूरोड सदर थाना पुलिस पहुची कारवाई की गई। फिलहाल एसीबी रिश्वतखोर रेंजर को सिरोही लेकर रवाना हुई जहां पूछताछ की जा रही है वहीं जानकारी में आया कि रंेजर गजेन्द्रसिंह एक माह बाद रिटायर होने वाले थे।

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