रांची के राकेश का संघर्ष और समर्पण

रांची, राकेश कुमार : रांची के राकेश कुमार की दो साल से अधिक मेहनत के बाद उन्होंने एक कंप्यूटर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज डिजाइन किया है। इसका नाम टैक्स एम प्लस है। यह सी प्लस-प्लस का विकल्प होगा। इस लैंग्वेंज की खासियत यह है कि इसका निष्पादन समय सी प्लस प्लस से 30-35 प्रतिशत तक कम होगा। साथ ही साथ इस पर कंप्यूटर कर्नल डिजाइन करना संभव होगा। राकेश के अनुसार उनकी यह खोज पूरे कंप्यूटर सांइस की दुनिया को बदल कर रख देगा। राकेश जी ने सीआईटी से बी.टेक किया हुआ है। इसी दौरान उन्होंने यह सब करना शुरू किया। राकेश जी ने बताया कि उनकी मदद करना तो दूर, सभी लोग उन्हे हतोत्साह करते रहे बजाय एक प्रोफेसर के जिनका नाम है श्रीकांत उपाध्याय ओर जिन्होंने उनकी काफी मदद की। कंप्यूटर विभाग के प्रोफेसर उन पर ताना कसते थे। यह सब झेलने के बाद भी राकेश ने हार नहीं मानी। आखिरकार उन्होंने कंप्यूटर प्रोग्रामिंग लैग्वेज को डिजाइन किया बल्कि उन सबों को गलत साबित किया जो उनका मजाक बनाते थे। इतनी परेशानियों का सामना करने के बाद भी राकेश ने लैग्वेंज तो डिजाइन कर लिया लेकिन लगभग 2 साल गुजर गए अभी तक यह विकसित नहीं हो पाया है और ऐसा इसीलिए है क्योंकि पहला आर्थिक अभाव दूसरा आर एंड डी सैल और टीम का ना होना। हम सभी को आगे बढ़कर उनकी सहायता करनी चाहिए ताकि वे इस लैग्वेंज को विकसित कर सकें। जो पूरे देश के लिए गर्व की बात होगी। अगर राकेश अपने लैग्वेंज को किसी विदेशी कंपनी को बेच देते हैं तो ये हम सबके लिए दुर्भाग्य होगा। हमें राकेश जैस लोगों को प्रोत्साहित करना चाहिए ताकि हम सब मिलकर इस देश से प्रतिभा पलायन को कम कर सकें तभी देश आगे बढ़ेगा। अगर आप राकेश को अपना समर्थन या सहयोग देना चाहते हैं तो इस ईमेल आईडी के जरिए संपर्क कर सकते है। rsharma.ranchi2009@gmail.com

 

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