केंन्द्र में भाजपा सरकार लोगों को मूर्ख बना रही है : राज ठाकरे

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मुंबई, नजीर मुलाणी : महाराष्ट्र में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) महाराष्ट्र नवनिर्माण महानगरपालिका कामगार कर्मचारी सेना में यह मुद्दा बताया गया प्रमुख राज ठाकरे ने केन्द्र और महाराष्ट्र की भाजपा नीति सरकारों पर रविवार को निशाना साधते हुए कहा, कि वे ‘लोगों को मूर्ख’ बना रहे हैं। मनसे की सिविक यूनियनों के सदस्यों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकारें हर रोज कई ‘करोड़ और करोड़ों रुपए’ की योजनाओं की घोषणाएं कर रही हैं। इसके बावजूद विभिन्न सरकारी विभागों में मौजूदा रिक्तियों को भरने के लिए कोई धनराशि नहीं है। उन मीडिया रिपोर्टों, जिनमें कहा गया है कि केन्द्र और राज्य स्तर पर 24 लाख सरकारी पद रिक्त हैं, का हवाला देते हुए ठाकरे ने कहा,‘एक तरफ तो 24 लाख रिक्तियां हैं तो वहीं दूसरी ओर करोड़ों रुपए की परियोजनाओं और योजनाओं की घोषणा की जा रही है।’ उन्होंने सवाल किया, ‘यदि सरकार के पास धनराशि की कमी चल रही है और इसलिए इन रिक्तियों को नहीं भरा जा रहा है तो इस तरह की करोड़ों रुपए की परियोजनाओं की घोषणा कैसे की जा रही है।’ ठाकरे ने कहा कि मीडिया के एक वर्ग की रिपोर्टों में कहा गया है कि 24 लाख रिक्तियां हैं जिनमें 10 लाख पद शिक्षकों के है और 5.40 लाख पद विभिन्न पुलिस विभागों में हैं। उन्होंने पूछा, ‘क्या कोई मुझे बता सकता है कि छात्रों को स्कूलों और कॉलेजों में क्या करना चाहिए (जहां शिक्षकों के पद रिक्त हैं) और अपराध क्यों नहीं बढ़ेगा (पुलिसकर्मियों की कमी के कारण)? बांग्लादेशी प्रवासियों के शहर में आने के बारे में ठाकरे ने आरोप लगाया कि शहर के विभिन्न हिस्सों में यह समुदाय फैला हुआ है और वे धोखाधड़ी से राज्य संचालित योजनाओं के तहत घर ले रहे है। ठाकरे ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने विभिन्न आंदोलनों में भाग लेने वाले 7,500 युवाओं पर हत्या के प्रयास के आरोप लगाए है और इससे भविष्य में सरकारी नौकरियां मिलने के उनके मौकों को अवरुद्ध कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि नोटबंदी से व्यापक पैमाने पर उद्योग बंद हुए है और 3.5 करोड़ से अधिक लोग बेरोजगार हो गए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इन मुद्दों को उठाने के बजाय ‘योगा’ कर रहे है। चित्रपट गृह में पॉपकॉर्न ढाई सौ रुपए से दे रहे थे इसी के बारे में ही मनसे ने आवाज उठाया वह भी सक्सेस कर दिखाएं अब रूपये 50 में मिलना चालू हुआ कहीं जगह कुछ बाहर की चीज लेकेे जाने का विरोध कर रही थी अब आप ले जा सकते है यह मनसे ने आवाज उठाई, तब हुआ ना सत्ता पर ना विरोध में होते हुए यह मनसे काम कर कर दिखा रही है।

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