चिकित्सा विभाग की लापरवाही : साढ़े तीन माह पहले निरस्त हो चुका है अनुबंध

nnnजयपुर, अजय सिंघाडिया : अचरोल। आमजन की शिकायत एवं निम्स प्रबंधन के हाथ खड़े कर देने पर सरकार ने निम्स अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज (निम्स विश्वविद्यालय) प्रबंधन के साथ हुए करार को निरस्त तो कर दिया लेकिन चिकित्सा विभाग अधिकारियों की लापरवाही के चलते अभी भी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का संचालन निम्स प्रबंधन ही कर रहा है। जबकि करार को निरस्त हुए साढ़े तीन माह हो चुके हैं। इससे लोगों में चिकित्सा विभाग के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है। गौरतलब है कि क्षेत्र के लोगों को बेहतरीन चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने गत एक अगस्त 2015 को अचरोल पीएचसी को पीपीपी मोड़ पर निम्स प्रबंधन को सौंपा था लेकिन निम्स प्रबंधन व्यवस्था नहीं संभाल सका और स्वास्थ्य केंद्र पर एक महिला का खुले में प्रसव होना सहित कई बदइंतजामी फैल गई। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ गया। आमेर क्षेत्र के एक सेवक विकाश कटारिया के नेतृत्व में केन्द्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से मुलाकात कर निम्स की कार्यशैली को लेकर क्षेत्र के उपजे असंतोष से अवगत करा स्वास्थ्य केंद्र को निम्स से हटाकर सरकार के अधीन लेने की मांग की। इसके बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग निदेशक ने 17 अप्रैल 2018 को अचरोल पीएचसी के संचालन को लेकर निम्स से किया गया करार रद्द कर दिया था। मनोहरपुर सीएचसी का भी रद्द हो चुका है करार। उल्लेखनीय है कि सरकार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, मनोहरपुर का संचालन भी निम्स प्रबंधन को सौंपा था लेकिन निम्स प्रबंधन वहां की व्यवस्था भी नहीं संभाल पाया। इस कारण चिकित्सा विभाग ने गत 21 जुलाई 2015 को राज्य सरकार एवं निम्स विश्वविद्यालय, जयपुर के बीच हुए अनुबंध को भी 11 दिसम्बर 2017 को रद्द कर लिया। चिकित्सा विभाग ने मनोहरपुर सीएचसी का चार्ज तो निम्स प्रबंधन से ले लिया लेकिन अचरोल पीएचसी का चार्ज अभी निम्स प्रबंधन के पास ही है और करार रद्द होने के बाद भी पीएचसी का संचालन निम्स प्रबंधन ही कर रहा है। इनका कहना है…चिकित्सा विभाग अधिकारियों का रवैया सरासर गलत है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से की जाएगी। विकास कटारिया, जिलाध्यक्ष युवा कॉंग्रेस जयपुर। अभी तक निम्स प्रबंधन ने वित्तीय लेखाजोखा नहीं देने के कारण चार्ज नहीं ले पाए हैं। तीन नोटिस दे चुके हैं। आज भी नोटिस भेजा है। उच्चाधिकारियों को अवगत करा चुके है। अधिकारियों के निर्देश के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।

Share This Post

Post Comment