प्लास्टिक थैले-पर्यावरणीय मुसीबत हेतु जागरूकता अभियान चलाया गया

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मुंबई, दीपक बसवाला : कोटा बढ़ते हुए प्लास्टिक पोल्युशन को रोकने और पृथ्वी को प्लास्टिक के हानिकारक दुष्परिणामों से बचाने के इस वर्ष संयुक्त राष्ट्र संघ ने विश्व पर्यावरण दिवस की थीम बीट प्लास्टिक पोल्युशन रखी जिसके अंतर्गत कोटा में सोसाइटी हैज ईव इंटरनेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट एवं वुमेन वेलफेयर आर्गेनाइजेशन ऑफ वर्ल्ड के द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर इंद्रा मार्केट स्थित सब्जी मंडी में लोगों को प्लास्टिक की थेलियों के उपयोग को बंद करने हेतु जागरूकता अभियान चलाया गया एवं कपड़े के थेले बांटे गए ट्रस्टी निधि प्रजापति ने बताया कि ज्यादातर प्लास्टिक की थेलियाँ घरों में सब्जीमंडी जैसी जगह से जाती है इसीलिए जागरूकता अभियान यही से चलाया गया क्योंकि जब फल सब्जी वाले ही थेली देना बंद कर देंगे तो लोगों को मजबूरन कपड़े के बने थेले उपयोग में लेने होंगे। लोग प्लास्टिक की थेलियाँ कही भी फेंक देते है जिसके बाद वो धरती में दब जाती हो धरती की उर्वरा शक्ति को समाप्त कर देती है और पेड़.पौधों को बढ़ने नहीं देती बायोलॉजिस्ट नीतू मेहता भटनागर ने लोगों को बताया कि प्लास्टिक के थेलियों में सामान लेने से हमारे ही खाद्य पदार्थ विषाक्त होते है जो शरीर में विभिन्न विकृतियों को जन्म देते है और हमें बीमार कर देते है। इस दौरान संस्था की सांस्कृतिक अध्यक्ष शोभा कँवर ने लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि आज हमारा तापमान 50 डिग्री के पार जा रहा है जिसका प्रमुख कारण लोगों के द्वारा पर्यावरण के प्रति लापरवाही अतः हमें कपड़े के बने थेले और छोटी छोटी थेलियाँ जिसमें एक दो किलो सामान आ सके उनका प्रयोग करना चाहिए। राष्ट्रीय जन संपर्क अधिकारी सोनी नेहलानी ने बताया की संयुक्त राष्ट्र संघ की इसी थीम पर वर्ष पर्यन्त कार्यक्रम आयोजित होंगे ताकि प्लास्टिक का परमानेंट विकल्प लोगों को दिया जा सके और लोगों में प्लास्टिक के हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाई जा सके। इस अवसर पर यूनीकल्चर ट्रस्ट ऑफ इंडिया के सचिव यज्ञदत्त हाडा ने उपस्थित सब्जी.फल वालों और खरीददारों को प्लास्टिक की थेली न देने एवं उपयोग में न लेने की शपथ दिलाई एवं कपड़े के थेले लोगों को दिए जागरूकता कार्यक्रम में ट्रस्टी गौरव भटनागर जिला सचिव प्रियंका प्रजापति हनी सक्सेना आदि सदस्यों ने एक एक दुकानदार के पास जा जाकर समझाया जागरूकता अभियान के दौरान सब्जी वालों ने बताया की लोग ही जबरदस्ती पोलीथिन मांगते है न दो तो सब्जी नहीं लेते वेंडिंग मशीन होने के बाद भी लोग थेले नहीं निकलते। राजेंद्र कुमार नायक ने कहा कि बड़े बड़े उद्योगपतियों को फायदा देने के लिए सरकार प्लास्टिक पोलीथिन बैन नहीं करती मोहन फल वाले ने कहा कि सरकार को लोगों पर 100 रू. जुर्माना लगा देना चाहिए और देखते ही जुर्माना ले लेना चाहिए अपने आप लोग थेली लेना बंद कर देंगे मंडी में केवल दो ही दुकानदार मिले मोहम्मद राईस मुना भाई जो लोगो को प्लास्टिक की थेली में सामान नहीं देते और कपड़े की थेली का उपयोग करते है रशीद फल वाले ने रमजान की कसम खाकर अब से पोलीथिन न देने की कसम खाई।

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