गुजरात के सूरत में भड़की हिंसा मस्जिद से उपजे विवाद

बेल्लारी, जोगाराम चौधरी : अब गुजरात के सूरत में भड़की हिंसा, मस्जिद से उपजे विवाद के बाद मज़हबी उन्मादियों ने घायल किया 6 को। पुलिस पर भी पथराव भले ही गुजरात दंगों में आज तक कई साल बाद भी तमाम अदालतों की रूलिंग आदि आने के बाद भी हिन्दू समाज को दोषी बनाया और बताया जा रहा हो लेकिन जब धरातल से सच्चाई जानी जाय तो सब कुछ उल्टा निकलता है। बिहार, झराखण्ड, यूपी, बंगाल के बाद अब मज़हबी उन्मादियों ने निशाना बनाया है। गुजरात के औद्योगिक नगर कहे जाने वाले सूरत शहर को विदित हो कि सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार गुरुवार 29 मार्च को देर रात सूरत के मुस्लिम बहुल माने जा सकने वाले अमरेली इलाके में अचानक ही मज़हबी उन्मादियों का कहर बरपने लगा और जब तक पुलिस मौके पर पहुचती तब तक मज़हबी आक्रांताओ के हमले में छह लोग बुरी तरह घायल हो गए। मज़हबी उन्माद का आलम ये रहा कि पुलिस के बार बार समझाने के बाद भी वो बाज़ आने से नही तैयार थे और अपनी दंगाई हरकतों को बल प्रयोग के बाद ही रोका जब भारी पुलिस बल ने आंसू गैस के गोले छोड़े ताजा मिल रही जानकारी के अनुसार अब तक हिंसा पर उतारू 40 उन्मादियों को हिरासत में लिया गया है और पुलिस के ताबड़तोड़ छापे जारी हैं जिसमे अभी और गिरफ्तारियां सम्भव है। स्थानीय सूत्रों का कहना है कि मस्जिद की एक दीवार पर कोई पत्थर लगने का बहाना ले कर इस हिंसा की शुरुआत की गई है जिसे बड़ा रूप देने की पूरी तैयारी थी यहाँ सवाल ये भी बनता है कि जहां गाय के बदले इंसान बड़ा होने के तर्क दे कर गौ रक्षको को बदनाम किया गया वहीं इस मामले में क्या इंसान की जान से बढ़ कर वो था जिसको ले कर कई लाशें बिछाने पर आमादा हुए थे सूरत के वो तमाम आक्रांता। फिलहाल इलाके में कर्फ्यू जैसे हालात हैं और गहरी खामोशी छाई है।

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