राममंदिर के लिए चल रहा है 1.51 लाख कुंडीय विजयश्री दीप महायज्ञ

इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश/नगर संवाददाताः अयोध्या में भव्य राममंदिर के अभिलाषी दुनिया भर में फैले हैं। इसके लिए वह तरह-तरह के जतन करते हैं। इन्हीं में से एक अभिलाषी हैं अमेठी के शिव योगी उर्फ मौनी बाबा, जो इन दिनों माघ मेला क्षेत्र में हैं। सरस्वती मार्ग स्थित परमहंस सेवा व मीरा सत्संग आश्रम के शिविर में वह और उनके शिष्य राम मंदिर के लिए दीपदान के अनुष्ठान में लीन हैं। शिव योगी मौनीबाबा के नेतृत्व में माघ मास में 1.51 लाख कुंडीय विजयश्री दीप महायज्ञ चल रहा है। प्रतिदिन 5100 दीपदान होते हैं। हर शाम सूरज ढलते ही शिविर दीपों से जगमग हो उठता है। माघ मास के समापन पर संगम तट पर 51 हजार दीपों का दानकर महाआरती से अनुष्ठान को विश्राम दिया जाएगा। मौनी बाबा बताते हैं कि अभी तक प्रयाग, नासिक, काशी, अयोध्या, मथुरा, अमेठी, हरिद्वार, उज्जैन समेत तमाम शहरों में वह राममंदिर के लिए तीन करोड़ से अधिक दीप जलवा चुके हैं। प्रयाग में अनुष्ठान का तीसरा साल है। मौनी बाबा के शिविर में 51 त्रिशूल स्थापित किए गए हैं। बकौल मौनी बाबा, यह 51 शक्तिपीठों के प्रतीक हैं। शक्ति व शिव की साधना से ही हर मनोकामना पूर्ण होती है। दीपदान में देशी घी, सरसों व तिल के तेल का उपयोग किया जाता है। इसकी व्यवस्था स्वयं श्रद्धालु करते हैं। दीपदान अनुष्ठान 1991 से चल रहा है। सर्वप्रथम मौनी बाबा ने नेपाल में पशुपतिनाथ मंदिर के पास स्थित सोमसरला वेद विज्ञान विश्वविद्यालय में 41 दिन की समाधि ली थी। जब उन्होंने समाधि तोड़ी तो तत्कालीन नेपाल नरेश वीरेंद्र विक्रम शाह ने 5100 रुद्राक्ष की मालाएं अर्पित कीं। नेपाल से लौटने के बाद उन्होंने टीकरमाफी आश्रम अमेठी में शारदीय नवरात्र में 3300 दीपों की आहुति दिलवाई थी। इसके बाद से क्रम अनवरत जारी है। नासिक कुंभ में 51 लाख दीप दान किए गए थे।  मौनी बाबा का यह भी दावा है कि दीप यज्ञ से केंद्र व प्रदेश में ङ्क्षहदू वादी सरकार बनी है जिससे राम मंदिर निर्माण के लिए अनुकूल स्थिति बन रही है। मौनी बाबा का अनुमान है कि वर्ष 2019 मंदिर निर्माण के लिए निर्णायक रहेगा। वह कहते हैं कि अयोध्या में राममंदिर बनने के बाद मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि, काशी में बाबा विश्वनाथ व रामेश्वरम में रामसेतु के लिए अनुष्ठान चलाएंगे।

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