उत्तराखंड में यात्रियों को राहत, नहीं बढ़ेगा वाहनों का किराया

देहरादून, उत्तराखंड/नगर संवाददाताः राज्य परिवहन प्राधिकरण ने यात्रियों को राहत देते हुए व्यावसायिक वाहनों के किराये व माल भाड़े में 17 फीसद वृद्धि के प्रस्ताव को नकार दिया है। ट्रांसपोर्टरों की ओर से लगातार किराया वृद्धि का दबाव बनाया जा रहा था, लेकिन प्राधिकरण ने फैसला दिया कि प्रस्ताव में पुन: परीक्षण और सुधार की गुंजाइश है। इसके बाद ही किराये वृद्धि पर विचार किया जाएगा। बीते वर्ष कांग्रेस सरकार ने चुनावी वर्ष होने के नाते किराये वृद्धि का प्रस्ताव टाल दिया था। इसलिए, प्रबल आशंका थी कि नई सरकार को किराये में वृद्धि करनी ही पड़ेगी, मगर भाजपा सरकार ने भी निकाय चुनाव को देखते हुए यात्रियों की राहत बरकरार रखी है। इसके साथ ही प्राधिकरण ने पर्वतीय मार्गो पर 166 इंच व्हीलबेस की बसों को 178 इंच व्हीलबेस में बदलने का भी प्रस्ताव फिलहाल रोक दिया। प्राधिकरण ने कहा कि इस पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा। भाजपा सरकार बनने के बाद शुक्रवार को पहली मर्तबा राज्य परिवहन प्राधिकरण की बैठक हुई। परिवहन मुख्यालय में परिवहन सचिव व आयुक्त डी. सेंथिल पांडियन की अध्यक्षता व अपर परिवहन आयुक्त सुनीता सिंह की मौजूदगी में हुई बैठक में यात्रियों को राहत दे दी गई। पर्वतीय मार्गो पर बसों को लेकर टाटा कंपनी द्वारा व्हीलबेस 178 इंच जबकि आयशर ने 179 इंच करने की मांग की थी, मगर फिलहाल इस पर निर्णय नहीं लिया गया। वाहनों में डस्टबिन रखने की अनिवार्यता परमिट शर्तो के अंतर्गत अपराध से जोड़ दिया गया है। सरकार ने एक दिसंबर से चौपहिया व इससे ऊपर के सभी श्रेणी के वाहनों में स्वच्छता के लिए डस्टबिन अनिवार्य किया था। प्राधिकरण ने सख्ताई से नियम लागू करने के लिए इसे परमिट शर्तो से जोड़ दिया है। रामनगर-बदरीनाथ मार्ग पर स्थायी गाड़ी परमिट देने की मांग पर प्राधिकरण ने कहा कि संबंधित संभाग अपने स्तर पर इसमें फैसला ले सकते हैं। इसके साथ ही रोडवेज बसों के नए मार्गो पर परमिट पर भी संबंधित संभाग फैसला ले सकेंगे।  प्राधिकरण ने वाहनों में दो बार ओवरलोडिंग व ओवरस्पीड के मामलों में सुनवाई के बाद सात व्यावसायिक वाहनों का परमिट सस्पेंड कर दिया। इसके साथ ही बदसलूकी की शिकायत पर दस वाहन मालिकों पर पांच-पांच सौ रुपये दंड भी लगाया गया।  बैठक में सीपीयू के चालान पर सवाल उठे कि सीपीयू को चालान करने का अधिकार ही नहीं है, लेकिन संबंधित पक्ष ऐसे कोई भी आदेश प्रस्तुत नहीं कर सका। विकासनगर, डाकपत्थर-देहरादून व डाकपत्थर-कुल्हाल मार्ग पर बसों के परमिट के नवीनीकरण के मामले को फिलहाल टाल दिया गया। गोवा की तर्ज पर उत्तराखंड के पहाड़ों में किराए पर बाइक देने को प्राधिकरण ने हरी झंडी दे दी है। सात बाइकों के परमिट अब संभागीय परिवहन प्राधिकरण के माध्यम से जारी हो सकेंगे।

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