शासन से वार्ता के बाद बिजली कार्मिकों की हड़ताल स्थगित

देहरादून, उत्तराखंड/नगर संवाददाताः पे-मैट्रिक्स और पदोन्नत वेतनमान के मुद्दे पर आंदोलनरत बिजली कार्मिकों ने ऊर्जा सचिव राधिका झा से वार्ता के बाद पांच जनवरी से हड़ताल पर जाने का निर्णय वापस लेते हुए आंदोलन 31 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया है। इससे सरकार ने राहत की सांस ली है। हड़ताल की स्थिति में बिजली व्यवस्था चलाने के लिए सरकार केंद्रीय उपक्रमों, सेवानिवृत्त व संविदा कर्मचारियों के साथ वैकल्पिक प्लान बनाने में जुटी थी। ऊर्जा सचिव, विद्युत संघर्ष समिति के पदाधिकारियों, ऊर्जा निगम प्रबंधन के बीच सचिवालय में त्रिपक्षीय वार्ता हुई। समिति के प्रवक्ता डीसी गुरुरानी एवं दीपक बेनीवाल के अनुसार बैठक सकारात्मक रही। पे-मैट्रिक्स की विसंगतियों को दूर करने का भरोसा दिया है। सातवें वेतनमान के आदेश में शासन ने जो पे-मैट्रिक्स निर्धारित था, उससे कई संवर्गों का वेतनमान प्रभावित हो रहा था। पदोन्नत वेतनमान (एसीपी) की पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग पर भी शासन ने पुनर्विचार करने का भरोसा दिया है। तीनों ऊर्जा निगमों में 09, 14, 19 वर्ष की सेवा पर पदोन्नत वेतनमान की व्यवस्था थी। सातवें वेतनमान में इसे बदलकर 10, 20, 30 वर्ष कर दिया गया है। वार्ता में अपर सचिव ऊर्जा एवं प्रबंध निदेशक पिटकुल रणवीर सिंह चौहान, यूपीसीएल प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा, यूजेवीएनएल प्रबंध निदेशक एसएन वर्मा, तीनों निगमों के निदेशकों के अलावा ऊर्जा कामगार संगठन, पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन, पावर जूनियर इंजीनियर्स एसोसिएशन, ऊर्जा कामगार संगठन, ऊर्जा ऑफिसर्स, सुपरवाइजर्स एंड स्टाफ एसोसिएशन, बिजली कर्मचारी संघ, पावर लेखा एसोसिएशन, हाइड्रो इलेक्ट्रिकल इंप्लाइज यूनियन, विद्युत प्राविधिक कर्मचारी संघ, विद्युत डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन, आरक्षित ऊर्जा एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यवृत्त के अनुसार पे-मैट्रिक्स में ग्रेड वेतन 3000 को ग्रेड वेतन 4200 में संरक्षित करने के संबंध में ऊर्जा सचिव ने बताया कि इस मामले में सकारात्मक निस्तारण के प्रयास किए जाएंगे। ग्रेड वेतन 11000 एवं 11500 को उच्चतर वेतन निर्धारण में अनुमन्य किए जाने के लिए भी प्रयास होंगे। ऊर्जा निगमों में जो पे-मैट्रिक्स लागू नहीं है या जिन पे-मैट्रिक्स में कोई पद सृजित नहीं हैं, उन्हें समाप्त करने का निर्णय संबंधित विभागों से बात करने के बाद लिया जाएगा। बैठक ग्रेड वेतन 2200 को 2400, 2600 को 2800 में संरक्षित किए जाने पर सहमति बनी।

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