गलता धाम में नामदास परंपरा का शुभारंभ

पठानकोट, पंजाब/अरूण कुमारः श्री गलता धाम में पंजाब, हिमाचल, जम्मू कश्मीर के आलावा हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, मध्यप्रदेश से महाशा डोम जाति के लोग अपने धार्मिक गुरूजी के तपोस्थल और समाधि स्थल के दर्शन करेंगे और 500 वर्ष पुरानी श्री गुरू नामादास परंपरा संतो के लिए भंडारा करना झंडा पूजन, हवन, यज्ञ, सत्संग करना और गोस्वामी श्री गुरू नामदास सेवा समिती भारत की बनाएंगे। जिसका मुख्य दफ्तर श्री गलता धाम जयपुर और सबदफ्तर पठानकोट में होगा। जिस सेवक ने श्री गुरू नामदास परंपरा का नामदान लेना होगा उसको जयपुर में नामदान दिया जाएगा और रैवासाधाम श्री गुरू नामदास समाधि स्थल पर पूजा अर्चना करने के बाद भंडारा किया जाएगा। धार्मिक जत्था में महंत सांवरिया दास श्री पर्षोत्तम मंजूरा, श्री अमरनाथ जी, श्री सरदारीलाल, श्री तिलक लाल लोतरा, श्री सुरजित कुंड़ा, हेमराज, श्री उत्तम चंद, शिंदपाल, श्री कमल भाई, श्री अश्विनी कुमार, श्री रलदू राम, श्री यशपाल सोमराज, श्री अमर, श्री शामलाल, श्री बलदेव, श्री सुदर्शन मास्टर, श्री सुरेंद्र शहरिया, श्री राहुल, अक्षय मनोहर, पूर्ण राजेंद्र महर चंद, माधवी बीना देवी, श्री सरिसता देवी, अलक परंजीत, कमलेश, आशा, शीला देवी, रेखा, आरती, भोला, रानी देवी, सुलखना, कमला देवी, जानकी देवी, शिंदो देवी शामिल होंगे। लखविंदर, सुखविंदर डागी, कैलाश, सुखदेव शामिल होंगे। श्री गुरू नाभादास धार्मिक जत्था 22 दिसंबर को श्री गलताधाम – रैवासाधाम पुष्कर धाम के दर्शनों हेतु पठानकोट से रवाना होगा। सात प्रांतों प्रदेशों की भारत लैवल की श्री गुरू नाभादास की सेवा समिती का गठन होगा। 500 वर्ष पुरानी श्री गुरूनाभादास परंपरा हजारो संतो के लिए भंडारा श्री गलता धाम में करवाना। सात प्रदेश पंजाब, जम्मू कश्मीर, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल, राजस्थान, मध्यप्रदेश श्री गुरू नाभादास महाशय सेवा समिती की हंगामे मिटींग गांव भरोली कलां में समिती के चीफ आर्गेनाइजर श्री पर्षोत्तम मंजूरा की प्रधानगी में हुई। जिसमें मुख्य मेहमान महंत सांवरियां दास शामिल हुए और विशेष मेहमान पंजाब चेयरमैन श्री अमरनाथ शामिल हुए। समिती की तरफ से हर वर्ष श्री गुरूनाभादास तपोस्थल श्री गलताधाम और श्री रवासाधाम से जत्था रवाना होगा।

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