सेवानिवृत्त शिक्षक विदाई सह सम्मान समारोह

सीवान, बिहार/संजय कुमारः महाराजगंज/सीवान अनुमंड़ल मुख्यालय के सिहौता बंगरा हाई स्कूल परिसर में शनिवार सेवानिवृत्त शिक्षक विदाई तथा सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय प्राधानाचार्य कुमारी वीणा जी के देखरेख में आयोजित किया गया, पूर्व प्राधानाचार्य डी.पी.मिश्रा की अध्यक्षता के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अभिषेक कुमार सिंह रहे।कार्यक्रम का शुरुआत भानुप्रताप ओझा ने किया।जहाँ मुख्य अतिथि व सेवानिवृत्त शिक्षकगण के द्वारा सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। शिक्षकों के सम्मान में बोलते हुए विद्यालय के प्राधाचार्या कुमारी वीणा ने सेवानिवृत्त शिक्षकों से प्रेरणा लेकर उनके मार्गदर्शन में काम करने की बातें कही। और सेवानिवृत्त शिक्षक के सुखद भविष्य की कामना की वहीं प्रधानाचार्य ने स्काउट एंड गाइड के छात्र-छात्राओं को शिक्षा के प्रति विद्यालय परिवार के तरफ से सभी सेवानिवृत्त शिक्षक व सेवानिवृत्त शिक्षिका प्रतिभा सिहं को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। सेवानृवित होने वाले शिक्षको मे डी.पी.मिश्रा 38 बर्ष तक शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान दिया था, वही रविनंदन सिहं36 बर्ष का कार्यकाल रहा शिक्षा जगत में, बलराम सिह 32 बर्ष ,पतिभा सिहं 39 बर्ष हरिश्चन्द्र सिहं 31 दीनानाथ राम 35 बैकुण्ठ सिहं 30 का शिक्षा के क्षेत्र में योगदान रहा। ‎सेवानिवृत्त शिक्षक रविनंदन सिहं जिन्होंने अपनी36 बर्षीय अनुभव शिक्षा जगत में था आज की शिक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए देखे गए।उन्होने आज की विधी व्यवस्था की घोर निंदा किया, श्री सिहं ने कहा कि अब खानपान पर ध्यान दिया जा रहा, पहले शिक्षा की अहमियत दी जाती थी, शिष्यों में संस्कार पाले जाते थे, पूर्व की व्यवस्था को सही बताया। ‎सरकार की नऐ नियमानुसार अब शिक्षकों को सुबह उठ कर भिषिल बजाने की जिम्मेदारी की घोर निंदा करते हुए कहा कि चाहे जितनी भी नींदा की जाय वह कम होगी।शिक्षकों की क्या रह जाएगी मर्यादा।शिक्षकों को शिक्षा के गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देने की बात होती तो सराहनीय कदम कहाँ जाता,सरकार के द्वारा शिक्षकों को दिया गया भिसील बजाने व खुले में शौच करने वाले के साथ वेल्फी, यह निंदनीय कार्य है। शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारी को इस तरह के कामों में लगाना यह घोर निंदनीय कार्य होगा सरकार को इस पर पुनर्विचार करते हुए इस कार्य के लिए दूसरे विभाग को लगाए या नये विभाग का गठन करें जहां तक खुले में शौच का प्रश्न उठता है खुले में शौच करना वातावरण से लेकर शरीर को भी नुकसान है को ध्यान में रखते हुए खुले में शौच मुक्त बिहार बंने यह बहुत ही अच्छी बात होगी परंतु इस में शिक्षकों को लगा देना उचित कार्य नहीं है। ‎ सेवानिवृत्त शिक्षक विदाई वा सम्मान समारोह में महेंद्र सर , रत्नावली मैम, अखिलेश सिंह, अमित सिंह , आजाद आलम, चंद्रशेखर कुमार, सोनू कुमार सिंह, राम नाथ मिश्र घनश्याम मिश्र, सुनील कुमार, घनश्याम पांडे , सुजीत उपाध्याय केरला में विद्यालय के छात्र छात्राओं की उपस्थिति रही भारतीय स्काउट एंड गाइड के ड्रेस में स्कूली बच्चों ने सेवानिवृत्त शिक्षकों के सम्मान में परेड की भी प्रस्तुति दिया।

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