बस स्टैंड की नीलामी में गड़बड़ी पर दर्ज होगी प्राथमिकी

सीवान, बिहार/विपिन कुमारः वर्ष 2011 में हुई ललित बस स्टैंड की नीलामी में गड़बड़ी प्रथमदृष्टया सही साबित होने पर नगर विकास विभाग ने तत्कालीन सभापति अनुराधा गुप्ता, उपसभापति कर्णजीत सिंह उर्फ व्यास के खिलाफ एफआइआर कराने के डीएम के आदेश के बाद आज प्राथमिकी दर्ज हो सकती है। जिलाधिकारी महेंद्र कुमार ने इस मामले में सिवान नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी बसंत कुमार को एफआइआर कराने का नआदेश दिया था। बसंत कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी का आदेश मिलने के बाद अधिवक्ताओं से एफआइआर का मजमून तैयार करवाया जा रहा है। बता दें कि वर्ष 2011 में ललित बस स्टैंड की बंदोबस्ती में इन दोनों ने मिलीभगत करके सरकार को राजस्व की क्षति पहुंचाई है। इसकी शिकायत किसी ने नगर विकास विभाग में की। वहां से जांच कराई गई तो मामला सही साबित हुआथा।सारण आयुक्त की जांच में पुष्टि के बद विभाग ने डीएम से प्राथमिकी कराने को कहा था।लिहाजा एफआइआर के आदेश दिए गए। वर्ष 2011 में बस स्टैंड की नीलामी का न्यूनतम रेट एक करोड़ 21 लाख था। आरोप है कि चहेतों को लाभ पहुंचाने के लिए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ने इस राशि को 10 फीसद कम करने के लिए बोर्ड में प्रस्ताव पेश किया। इसका विरोध तत्कालीन पार्षद इंतेखाब अहमद ने किया। इसके बाद अध्यक्ष ने सरकार के पास इसके लिए दिशानिर्देश के लिए पत्र लिखा। वहां से जवाब आने में देर हुई। तब तक 52 दिन तक इन दोनों ने मिलकर अपने किसी खास व्यक्ति से स्टैंड में वसूली करवाई और कहा कि विभागीय स्तर पर वसूली की जा रही है। नगर परिषद के खाते में किसी दिन दो हजार तो किसी दिन तीन हजार जमा होते रहे। जबकि वहां की रोजाना की वसूली 30 हजार रुपये से ज्यादा की प्रतिदिन होती।

Share This Post

Post Comment