बैकों के मनमाने रवैया से उपभोक्ता परेशान

सीवान, बिहार/ संजय कुमारः अनुमंडल मुख्यालय स्थित कॉपरेटिव बैंक के शाखा प्रबंधक तथा बैंक के कर्मचारियों द्वारा आए दिन उपभोक्ताओं के साथ अपने आराम फरमाने को लेकर परेशान करते हुए नजर आ रहे हैं घटना सोमवार को देखने सुनने को तब मिली, हुआ यह कि बाजारों में 10 के नोट और सिक्कों का प्रचलन काफी बढ़ा हुआ है वैसे परिस्थिति में कभी-कभी दुकानदारों के पास छोटे-छोटे ग्राहकों के द्वारा सिक्के दे दिए जाते हैं दुकानदार सामान बेचने को लेकर सिक्का तो ग्राहक से ले लेता है परंतु दुकानदार जब बैंक में जाते हैं सिक्का जमा करने पर बैंक सिक्का नहीं ले रहे है। आए दिन हर बैंकों में तू तू मैं मैं होती है सोमवार को ऑपरेटिव बैंक शाखा में एक उपभोक्ता को 5000 के सिक्के किसी ग्राहक ने दे दिया बैंक का खाता धारक जब बैंक में जमा करने गया तो बैंक कर्मियों द्वारा सीधा कहा गया कि सिक्का बैंक में नहीं चलेगा लाख कहने सुनने के बावजूद भी बैंक कर्मचारियों द्वारा सिक्का नहीं लिया गया। शाखा प्रबंधक से जब इसकी शिकायत की गई तो शाखा प्रबंधक ने स्पष्ट रूप से कहा कि हमें सीक्का काउंट करने की फुर्सत नहीं है। आप किसी दूसरे शाखा में जाकर जमा कर दीजिए स्थिति चाहे जो हो परेशानी का आलम तो कॉपरेटिव बैंक है ही। अब यदि शाखा के प्रबंधक की बात मानी जाए तो जिन उपभोक्ताओं का खाता कॉपरेटिव बैंक में है उस उपभोक्ता का पैसा दूसरे बैंक में कैसे जमा होगा? अपनी सुविधा के लिए शाखा प्रबंधक दूसरे पर थोपने की बातें करते नजर आ रहे हैं। वैसे कुछ महीने पहले तो एक के सिक्के जो छोटा वाला था उसे आम दुकानदार भी नहीं ले रहे थे लेकिन मीडिया ने जब इस खबर का विरोध करना शुरू किया तो छोटे छोटे दुकानदार ठेला खोमचा वाले लेना शुरू कर दिये। हवा तो 10 के सिक्कों की भी चली कि अब यह सिक्का नहीं चलेगा मीडिया वालों ने इसका विरोध किया तो यह प्रचलन सुचारु रुप से चालू हुआ।

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