कर्नाटक में सरकारी बिल के विरोध में हड़ताल पर डॉक्टर्स, सभी निजी अस्पताल बंद

बेंगलुरू, कर्नाटका/नगर संवाददाताः कर्नाटक प्राइवेट मेडिकल इस्टेब्लिशमेंट (संशोधित) एक्ट के खिलाफ राज्य के 40,000 से भी अधिक निजी अस्पताल, डाइग्नोस्टिक सेंटर और क्लीनिक शुक्रवार को बंद रहे। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अनुसार इनपेशेंट सेवाएं (जो लोग अस्पताल में भर्ती हैं उनका इलाज) और एंबुलेंस सेवाएं जारी रहेंगी। उन मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ा जो शुक्रवार को अस्पताल आए। निजी अस्पतालों के डॉक्टर उस बिल के खिलाफ हैं, जिसकी वजह से निजी अस्पतालों के कामों में सरकार का दखल बढ़ जाएगा। इस बिल के बाद सरकार निजी अस्पतालों की फीस और इलाज के खर्च का निर्धारण कर सकेगी। बिल का विरोध कर रहे प्राइवेट अस्पताल सरकार का अधिक हस्तक्षेप नहीं चाहते हैं। आईएमए के अध्यक्ष एच एन रविंद्र ने कहा है कि यह सरकार के लिए एक चेतावनी है। अगर सरकार हमारी मांगों की ओर ध्यान नहीं देगी, तो हम यह हड़ताल 10 नवंबर तक जारी रखेंगे। निजी अस्पतालों की हड़ताल को ध्यान में रखते हुए सभी सरकारी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। शुक्रवार के दिन हड़ताल की वजह से सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो सकती है।  स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के अतिरिक्त मुख्य सचिव अजय सेठ ने कहा कि हमने सभी जिलों, तालुकाओं और प्राथमिक चिकित्सा केन्द्रों के डॉक्टरों और स्टाफ को उपस्थित रहने के लिए कहा है, ताकि किसी भी मरीज को कोई दिक्कत न हो। वहीं दूसरी ओर हड़ताल पर जा रहे डॉक्टरों से सरकारी अधिकारी लगातार बात कर रहे हैं ताकि उन्हें संशोधन के बारे में सही से समझाया जा सके।

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