योग विषयों सहित सभी प्रतियोगी परिक्षाओं में 20% संस्कृत अनिवार्य

जयपुर, राजस्थान/विकास शर्माः आज राजस्थान संस्कृत शिक्षा विभागीय शिक्षक संघ कादिनांक 23 व24 अक्टूबर को दो दिवसीय 42वां शैक्षिक अ धिवेशन आर के पैराडाइज कालवाड रोड जयपुर में संपन्न संपन्न हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि श्री मूलचंद मीणा जिला प्रमुख जयपुर ने बताया “संस्कृत समस्त भाषाओं की जननी है व संस्कृत के कारण ही भारत विश्व गुरु के रुप में जाना जाता था आज संस्कृत भाषा को पुनः प्रोत्साहन की आवश्यकता है। “समारोह में आशीर्वाद प्रदाता श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी बालमुकुंद आचार्य जी महाराज दक्षिण मुखी बालाजी हाथोज धाम ने प्रदेशभर से आए हुए शिक्षकों को आश्वस्त किया कि “संस्कृत शिक्षा के विकास हेतु राज्य सरकार अथवा केंद्र सरकार के स्तर पर मिलकर वार्ता की जाएगी। प्रदेश की माननीया मुख्यमंत्री महोदय संस्कृत के विकास हेतु सदैव तत्पर रहती हैं।” समारोह के अध्यक्ष महोदय संयुक्त निदेशक संस्कृत शिक्षा राजस्थान डॉक्टर सत्यनारायण शर्मा ने बताया कि “निदेशालय स्तर पर तृतीय श्रेणी से द्वितीय श्रेणी द्वितीय श्रेणी से प्रथम श्रेणी प्रथम श्रेणी से प्रधानाचार्यों की विभागीय पदोन्नति का कार्य अंतिम चरण में चल रहा है। आगामी एक दो माह में पदोन्नति संबंधी समस्त कार्य को कर लिया जाएगा ।सीधी भर्ती के पदों की अभ्यर्थना भी राजस्थान लोक सेवा आयोग अजमेर को प्रेषित की जा चुकी है। विभाग स्तर पर नई भर्ती और पदोन्नति का कार्य प्राथमिकता से किए जाने के लिए विभागाध्यक्ष श्री विमल कुमार जैन प्रयत्नशील है।” समारोह के विशिष्ट अतिथि श्री मनोज जी शांडिल्य, मुख्य लेखाधिकारी संस्कृत शिक्षा राजस्थान ने बताया कि “होने वाली आगामी बीएफसी में विभाग के सातों संभागीय कार्यालय हेतु कंप्यूटर मशीन विद मैन एवं वाटर कूलर के बजट का प्रावधान रखवाया है साथ ही राजस्थान भर के समस्त शिक्षकों के दिए हुए मेडिकल बजट की कोई कमी नहीं है !यदि इससे संबंधित किसी भी शिक्षक को कोई समस्या हो तो वह सीधे ही मुझे अवगत करा सकते हैं। इसके साथ ही चयनित वेतनमान के प्रकरण तत्परता के साथ निष्पादित किए जा रहे हैं। “समारोह के विशिष्ट अतिथि व पार्षद संघ अध्यक्ष जिला पार्षद श्री गिरिराज जोशी ने बताया “महाराज श्री बालमुकुंद आचार्य जी वह जिला प्रमुख जी दोनों व्यक्तित्व संस्कृत व संस्कृति के प्रचार प्रसार एवं संरक्षण हेतु कटिबद्ध है। उक्त दोनों व्यक्तित्व प्रदेश की माननीय मुख्यमंत्री महोदया से आप शिक्षक लोगों की समस्याओं के निराकरण हेतु आपके प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता कराने में पूर्णतया आश्वस्त करते हैं। “समारोह में संभागीय संस्कृत शिक्षा अधिकारी डॉ कमल किशोर चोटिया जी ने “राज्य सरकार के स्तर पर किसी भी प्रतियोगिता परीक्षा में 20% संस्कृत शिक्षा का प्रश्नपत्र अनिवार्य किए जाने एवं महाविद्यालय स्तर पर बरसों से अवरूद्ध पदोन्नति का मार्ग शीघ्र खोले जाने की मांग की। साथ ही उन्होंने बताया शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों को माननीय मंत्री महोदया को संस्कृत शिक्षा विभाग की पदोन्नति और सीधी भर्ती में पदस्थापन हेतु काउंसलिंग प्रक्रिया को अपनाया जाने हेतु ज्ञापन में मुख्य बिंदु बनाया जावे काउंसलिंग के माध्यम से पारदर्शिता होने से शिक्षक जगत में पदस्थापन को लेकर असंतोष की भावना समाप्त हो सकेगी”। शिक्षक संघ के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष डॉक्टर सीपी शर्मा ने आए हुए समस्त अतिथियों का माल्यार्पण व स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया तथा अपने उद्बोधन में संस्कृत शिक्षा विभाग के शिक्षकों की समस्याओं को सदन के सामने रखते हुए अपने 14सूत्रीय ज्ञापन के माध्यम से आए हुए अतिथियों एवं राज्य सरकार से समुचित कार्यवाही की मांग की। समारोह को श्री राम सिंह जाट अतिरिक्त महामंत्री, राम लखन गुर्जर उपाध्यक्ष ,श्री उमाशंकर शर्मा महामंत्री ,श्री दयाल सिंह आदि पदाधिकारियों ने संबोधित किया इस अवसर पर योगेश शर्मा कोषाध्यक्ष,हेमन्त चतुर्वेदी संभागाध्यक्ष,प्रेमराज वर्मा,महेश दोतोलिया,योगेन्द्र शर्मा, दिनेश चेजारा, मुरारीलालराव, लालचंदशर्मा, अग्निवेश, नवलशर्मा, पवन वशिष्ठ, चेतन्यस्वरूप, चंद्रप्रकाश टेलर, मुकेश यादव, राधामोहन शर्मा, रघुवीरप्रसाद, रमेश चंद, सतीशशर्मा, लीलाधर शास्त्री, रामलालकुम्हार, प्रहलाद कुम्हार, अरूण शर्मा, कैलाश शर्मा, राजाराम जाट, पुष्पा मूलचंदानी, रमाशर्मा, नीतादेवी, अर्चना देवीसहित सभी सातों संभागों से शिक्षक उपस्थित थे! कार्यक्रम का संचालन माधव प्रसाद जांगिड ने किया! इस सम्मेलन में लिए गये सभी प्रस्तावों को 14सूत्रीय मांगपत्र प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य माननीया संस्कृत शिक्षा मंत्री जी व अतिरिक्त मुख्य सचिव संस्कृत शिक्षा व निदेशक संस्कृत शिक्षा को सौंपा जायेगा।

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