यूपी के सरकारी मेडिकल कॉलेजों व आयुर्विज्ञान संस्थानों में लागू होगी ई-हॉस्पिटल व्यवस्था

मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश/ महबूब आलम : प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन ने कहा कि प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों एवं आयुर्विज्ञान संस्थानों में ई-हॉस्पिटल व्यवस्था लागू की जाएगी। यही नहीं एमसीआई ने प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में 133 पीजी की सीटें बढ़ाने की अनुमति भी प्रदान कर दी है। श्री टंडन मंगलवार को यहां पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा, प्रदेश के 13 मेडिकल कॉलेजों एवं दो आयुर्विज्ञान संस्थानों के चिकित्कीय व्यवस्थाओं के निरीक्षण के लिए निदेशक स्तर के चिकित्सा अधिकारियों की टीम गठित की गई थी। जिसकी रिपोर्ट शासन को मिल चुकी है। इन रिपोर्टों के आधार पर प्रदेश में पहली बार मेडिकल एजुकेशन स्ट्रेटेजी सेल का गठन किया गया है। यह सेल प्राप्त रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद चिकित्सा शिक्षा में सुधार के लिए रोडमैप तैयार करेगा। उन्होंने कहा, सरकारी मेडिकल कॉलेजों में मूलभूत सुधार के लिए चिकित्सा शिक्षा के वरिष्ठ चिकित्सकों की अध्यक्षता में 10 समितियों का गठन किया गया है। इन कमेटियों के सुझावों को जांच के बाद सरकारी मेडिकल कॉलेजों में लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले चरण में छह मेडिकल कॉलेजों व दो आयुर्विज्ञान संस्थानों में हॉस्पिटल मैनेजमेंट सिस्टम स्थापित किया जाना है। जिसके लिए 10 करोड़ रुपए के बजट की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा, एसजीपीजीआई में तीन विशिष्ट सुविधाएं शीघ्र ही शुरू की जाएंगी। इनमें प्रमुख है लीवर ट्रांसप्लांट रोबोटिक सर्जरी एवं इमरजेंसी मेडिसिन। केजीएमयू को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद नैक ने ग्रेड ए प्रमाण पत्र प्रदान किया है। नैक से ग्रेड ए प्रमाण पत्र प्राप्त करने वाला केजीएमयू प्रदेश का पहला मेडिकल विश्वविद्यालय है।

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