पथरी के ऑपरेशन के दौरान काट दी लिवर की नस, अब देना होगा तीन लाख मुआवजा

पानीपत, हरियाणा/नगर संवाददाताः जितेंद्रा अस्पताल के संचालक डॉ. जितेंद्र शर्मा ने पथरी के ऑपरेशन के दौरान मरीज की लिवर की नस काट दी। इससे मरीज को पीलिया हो गया। उसका वजन घट गया। एम्स में उसका दोबारा ऑपरेशन कराना पड़ा। लापरवाही बरतने पर पीड़ित ने उपभोक्ता फोरम में केस दायर किया। फोरम ने 3 लाख रुपये मुआवजा देने के लिए आदेश दिए। सेक्टर 6 में रहने वाले कुलबीर सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी निर्मल देवी के पीते की थैली में पथरी थी। 18 मई 2012 को जितेंद्र अस्पताल में ऑपरेशन कराया था। डॉक्टर ने दो दिन बाद छुट्टी दे दी। उसकी पत्नी को परेशानी होने लगी। डॉक्टर पेट में गैस वगैरह बताकर दवाई दे देता था, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। उसको पीलिया, खुजली और सांस लेने में तकलीफ होने लगी। कई जगह इलाज कराने के बाद भी आराम नहीं हुआ। इसके बाद दिल्ली में एमआरआइ कराई और रिपोर्ट से पता चला कि लिवर की नस कटी हुई है। इससे लिवर गंदगी को बाहर नहीं निकाल पा रहा है। उसने एम्स में दोबारा ऑपरेशन कराया। इस पर उसके 7 लाख रुपये खर्च हुए। डॉक्टरों ने नस को दोबारा जोड़ा, तब जाकर उसकी तबीयत ठीक हुई। उसका आरोप है कि डॉ. जितेंद्र ने सीबीडी नस काटने की जानकारी उसे नहीं दी। वहीं, डॉ. जितेंद्र शर्मा ने इलाज में लापरवाही न बरतने की बात कही है। उन्होंने कहा कि निर्मल देवी को सात माह बाद पीलिया हुआ था।

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