अहमद पटेल को जीतने के लिए 45 वोट की जरूरत

पाली, राजस्थान/महेन्द्र कुमारः अहमद पटेल को जीतने के लिए 45 वोट की जरूरत है। फिलहाल उन्हें अपनी पार्टी के 44 विधायकों का ही समर्थन प्राप्त है। कांग्रेस महासचिव और गुजरात प्रभारी अशोक गहलोत ने दावा किया कि अहमद पटेल को 45 वोट मिलेंगे। इस सबके बीच बड़ी बात ये है कि दोनों पार्टियों ने इस मसले पर अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। कांग्रेस के दो नेताओं ने दिल्ली में चुनाव आयोग से शिकायत की तो बीजेपी की तरफ से 6 केंद्रीय मंत्रियों ने आयोग पहुंचकर कांग्रेस की मांग को दरकिनार करने की अपील की। दोनों पार्टियों में नजर आ रही इस बौखलाहट के पीछे वोटों का गणित है। इस सबके बीच बड़ी बात ये है कि दोनों पार्टियों ने इस मसले पर अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। कांग्रेस के दो नेताओं ने दिल्ली में चुनाव आयोग से शिकायत की तो बीजेपी की तरफ से 6 केंद्रीय मंत्रियों ने आयोग पहुंचकर कांग्रेस की मांग को दरकिनार करने की अपील की. दोनों पार्टियों में नजर आ रही इस बौखलाहट के पीछे वोटों का गणित है। दरअसल, गुजरात में तीन राज्यसभा सीटों के लिए मंगलवार को वोटिंग हुई। दो सीटों पर बीजेपी नेता अमित शाह और स्मृति ईरानी की जीत लगभग तय मानी जा रही है। मगर तीसरी सीट को लेकर समीकरण बेहद पेचीदा हैं। इस सीट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल और बीजेपी नेता बलवंत राजपूत के बीच मुकाबला है। अहमद पटेल को जीतने के लिए 45 वोट की जरूरत है. फिलहाल उन्हें अपनी पार्टी के 44 विधायकों का ही समर्थन प्राप्त है। कांग्रेस महासचिव और गुजरात प्रभारी अशोक गहलोत ने दावा किया कि अहमद पटेल को 45 वोट मिलेंगे. गहलोत का दावा है कि 43 कांग्रेसी विधायकों, एक जेडीयू और एक एनसीपी के विधायक ने अहमद पटेल को वोट दिया। यानी अहमद पटेल को 45 वोट मिलने का आंकड़ा पेश किया जा रहा है। कांग्रेस जिन 2 विधायकों के वोटों को लेकर विरोध कर रही है, वो पहले ही पार्टी से बगावत कर चुके हैं। यानी अहमद पटेल को उनका समर्थन नहीं मिलेगा, ये पहले से ही साफ था। बावजूद इसके कांग्रेस ने चुनाव आयोग से इन दो विधायकों के वोट रद्द करने की शिकायत इसलिए की है, क्योंकि अगर ऐसा हो जाता है, तो अहमद पटेल की जीत और सुनिश्चित हो जाएगी। अगर दो वोट रद्द होते हैं, तो जीत का आंकड़ा 44 हो सकता है. यानी पटेल की जीत की राह और आसान हो जाएगी। दरअसल, जेडीयू विधायक के वोट को लेकर कायम संशय भी इस खींचतान की एक वजह है। जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने दावा किया है कि उनके विधायक ने बीजेपी उम्मीदवार को वोट दिया है। हालांकि, जेडीयू विधायक छोटू वसावा का दावा अलग है। वसावा ने आजतक को बताया है कि उन्होंने अहमद पटेल को अपना वोट दिया है। बीजेपी इसीलिए हर मुमकिन कोशिश कर रही है कि दो वोट रद्द न हों। बीजेपी को ये भी उम्मीद है कि जेडीयू विधायक का वोट उनके उम्मीदवार को मिला है। फिलहाल ये पूरा सियासी ड्रामा चुनाव आयोग तक पहुंच गया है। कांग्रेस का दावा है कि हरियाणा में इस तरीके का एक मामला सामने आया था, जब वोट रद्द किया गया था। अब सभी को चुनाव आयोग के फैसले का इंतजार है।

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