प्रदेश में हर साल होगी 30 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती : एडीजी

मेरठ, उत्तर प्रदेश/नगर संवाददाताः अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) आनंद कुमार कांवड़ यात्रा का जायजा लेने के लिए महानगर में थे। एडीजी जोन ऑफिस में आनंद कुमार ने बताया कि कांवड़ यात्रा पुलिस के लिए महायज्ञ है, जिसमें निरंतर ड्यूटी कर पुलिसकर्मियों ने आहुति दी। पुलिस की कमी को पूरा करने के लिए एडीजी ने हर साल 30 हजार पुलिसकर्मियों की भर्ती का दावा किया है। एडीजी ने दावा किया कि पुलिस सीना तानकर बदमाशों का मुकाबला कर रही है। जिसका प्रमाण प्रदेश में कई मुठभेड़ हैं। एडीजी से बातचीत के कुछ अंश.. – फोर्स की कमी से दिक्कत तो है। प्रदेश में तीन लाख 60 हजार पुलिसकर्मियों के पद निर्धारित हैं। जिसमें दो लाख 15 हजार की उपलब्धता है यानी 40 फीसद पद खाली हैं। अफसर पुलिस की कमी बताकर अपराध नियंत्रण करने में कोई बहाना नहीं कर पाएंगे। शासन स्तर पर इस कमी को पूरा करने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई, जिसमें तीस हजार पुलिसकर्मी हर साल भर्ती किए जाएंगे। पांच सालों में डेढ़ लाख पुलिसकर्मी भर्ती हो जाएंगे। पुलिसिंग की प्रणाली को हाईटेक बनाया जा रहा है। कोशिश की जा रही है कि शहर को पूरी तरह सीसीटीवी से कवर किया जाए। कांवड़ यात्रा को लेकर व्यापक व्यवस्था रही है। जोन के सभी पुलिसकर्मी एक सप्ताह से निरंतर ड्यूटी पर हैं। प्रदेश में कांवड़ यात्रा पूर्वाचल में सात अगस्त तक और पश्चिम में जल चढ़ाने तक होती है। उत्तराखंड से इस बार चार करोड़ कांवड़िये जल उठाकर प्रदेश की सीमा में प्रवेश हुए। हालांकि अभी पूर्वाचल का चैलेंज बाकी है। पुलिस अपराधियों पर नकेल कसने के लिए अभियान चला रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए है। जोन में शामली, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, नोएडा और मेरठ में मुठभेड़ के दौरान बदमाश दबोचे गए हैं। नोएडा में पकड़े गए 50 हजारी तोता का वीडियो पुलिस के हाथ लगा है, जिसमें उसने कहा कि प्रदेश सरकार बदल गई है, अब शांत रहना होगा। अच्छे काम करने वाले पुलिसकर्मी का सम्मान किया जा रहा है। अपराधियों के साथ संलिप्तता और कार्य के प्रति लापरवाह पुलिसकर्मियों बर्खास्त किया जाएगा। प्रदेश सरकार का उद्देश्य जनता को एक अच्छा वातावरण देना है। महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान है। प्रदेश बड़ा है चैलेंज भी बड़े है। उत्तर प्रदेश पुलिस हर चैलेंज से निपटने के लिए तैयार है। प्रदेश में चेन स्नेचिंग की घटनाएं कुछ कम हुई हैं। चेन स्नेचिंग करने वालों से निपटने के लिए पुलिस तैयार है। छेड़छाड़ के लिए एंटी रोमियो स्क्वाड की मदद ली जा रही है।

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