आतंक के खिलाफ पीएम मोदी का एक्शन प्लान, आतंकियों को ‘खोजो और मारो’ अभियान

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः अमरनाथ हमले को लेकर देशभर में गुस्सा है. देश अब कड़ी निंदा नहीं कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है. मोदी सरकार ने आतंकियों के सफाये के लिए एक अचूक योजना बना ली है. इसे आतंकियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी योजना बताया जा रहा है. अमरनाथ यात्रियों पर आतंकी हमले के बाद पूरा देश आतंकियों के सफाये की मांग कर रहा है और अब सरकार ने भी ठान लिया है कि आतंकियों को खोजो और मारो। कश्मीर में सेना के ‘खोजो और मारो’ अभियान के बीच अमरनाथ यात्रियों पर हुआ हमला कश्मीर में आतंक के ताबूत की आखिरी कील साबित होगा। घाटी में सर्दियों से पहले आतंक के सफाये में जुटी सेना को केंद्र सरकार से अभियान तेज़ करने के लिए हरी झंडी मिल गई है। इंटेलिजेंस ब्यूरो यानी आईबी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को घाटी में सक्रिय 68 आतंकियों की लिस्ट सौंपी है। सुरक्षा एजेंसियों की हिट लिस्ट में सबसे ऊपर कश्मीर घाटी में छिपे यही 68 आतंकवादी हैं. कुल 115 विदेशी आतंकवादियों को सुरक्षा एजेंसियों ने चिन्हित किया है।आतंकियों की लिस्ट लेकर खुद सेना प्रमुख बिपिन रावत कश्मीर में हैं। इस मामले को लेकर सेना प्रमुख ने डीजी सीआरपीफ, चिनार कॉर्प्स कमांडर, चीफ सेक्रेट्री और जम्मू-कश्मीर के डीजीपी से बात की है। आतंकियों के सफाये को लेकर बिपिन रावत ने सीधे तौर पर निर्देश दे दिए हैं। आतंकियों के गढ़ माने जाने वाले दक्षिणी कश्मीर में सेना जल्द ही बड़ा अभियान छेड़ेगी. सरकार की कोशिश आतंकियों के सफाये के साथ साथ जम्मू कश्मीर के युवाओं को संदेश देने की भी है। सरकार चाहती है कि ये संदेश जाए की बंदूक के साथ का अंत गोली से ही होता है। सरकार इस मुद्दे को राजनीतिक और रणनीतिक तौर पर अलग-अलग लेकर चलने की तैयारी में है। सरकार कश्मीर के लोगों की भावनाओं का भी ध्यान रख रही है। यही वजह है कि अमरनाथ यात्रियों पर हुए हमले और देश में बने माहौल के बाद भी सरकार संभल संभल कर अपनी बात रख रही है। अमरनाथ यात्रियों पर हमले के बाद जम्मू कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे केंद्रीय मंत्री जीतेंद्र सिंह ने भी आतंक के खिलाफ कश्मीर के लोगों के जज्बे की जमकर तारीफ की। जीतेंद्र सिंह और गृह राज्य मंत्री हंसराज अहीर ने राज्यपाल एन एन वोहरा और मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से अलग-अलग मुलाकात की. दोनों ने राज्य सरकार को कानून-व्यवस्था बनाए रखने में केंद्र से हरसंभव मदद मिलने का भरोसा दिया। सरकार के नए एक्शन प्लान के तहत ही बीजेपी के फायरब्रांड नेताओं की जुबान भी खामोश है। जम्मू कश्मीर में आतंक के सफाए के अभियान में जनवरी से लेकर अब तक 98 आतंकी मारे जा चुके हैं, और अब आतंक के पूरी तरह खात्मे के लिए अभियान शुरू हो चुका है।

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