जीएसटी लागू होने के बाद क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः जीएसटी एक जुलाई से पूरे देश में लागू हो गया है। जीएसटी से क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा? यह लोगों को तब पता चला जब सोमवार को बाजार खुले। दवा की दुकानें हों, मोबाइल रिचार्ज, सैलून या जूते-चप्पल, सब जगह जीएसटी का असर साफ दिखाई दिया। दवा दुकानदारों के मुताबिक, फिलहाल दवाईयों की कीमत पर कोई खास फर्क नहीं पड़ा है। दवाईयों पर जीएसटी से पहले पांच से 21 फीसदी तक टैक्स लगता था, जबकि जीएसटी के बाद ज्यादातर दवाईयां 12 फीसदी टैक्स के दायरे में आ गयी हैं। हालांकि कुछ ऐसी दवाईयां भी हैं जिन पर 28 फीसदी जीएसटी लगेगा। जीएसटी लागू होने के बाद दवाई दुकानदारों के सामने सबसे बड़ी मुश्किल जीएसटी वाले बिल देने को लेकर आ रही है। जीएसटी का इंटरनेट पैक पर कोई असर नहीं पड़ा है, लेकिन टीवी, मोबाइल के रिचार्ज और पोस्ट पेड मोबाइल के बिल जरूर महंगे हो गए हैं। मोबाइल रिचार्ज पर जीएसटी से पहले 15 फीसदी टैक्स था जो अब जीएसटी के बाद 18 फीसदी हो गया है। जीएसटी के पहले 100 रूपए के रिचार्ज पर 85 रू टॉकटाइम मिलता था पर अब जीएसटी के बाद 82 रू का टॉकटाइम ही मिलेगा। पोस्टपेड मोबाइल में 500 रू के बिल पर पहले 75 रूपए टैक्स लगता था लेकिन अब इस पर 90 रूपए टैक्स देना पड़ेगा। हेयर कट के लिए सलून में पहले 15 फीसदी टैक्स लगता था, लेकिन अब ये बढ़कर 18 फीसदी हो गया है। जीएसटी से पहले हेयर कट के 400 रूपए के बिल पर 15 फीसदी के हिसाब से 60 रूपए टैक्स लगते थे, जबकि अब जीएसटी के बाद 18 फीसदी के हिसाब से 72 रूपए टैक्स लगेंगे,यानी आपको हेयर कट 12 रूपए महंगा पड़ेगा। दरअसल पहले जूते-चप्पलों पर 14.5 फीसदी टैक्स लगता था, लेकिन अब जीएसटी के बाद 500 से कम कीमत वाले जूते-चप्पलों पर पांच फीसदी और उससे ज्यादा पर 18 फीसदी टैक्स लग रहा है। यानी जीएसटी से पहले 400 रूपए का जूता 458 रूपए का पड़ता, लेकिन जीएसटी के बाद 420 का ही पड़ेगा। जबकि 600 रूपए का जूता जीएसटी से पहले 687 रूपए का पड़ता लेकिन अब 708 रूपए का पड़ेगा। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स वाले आइटम पर जीएसटी से पहले करीब 34 फीसदी टैक्स लगता था जबकी अब ये 28 फीसदी हो गया है। यानी इसके मुताबिक तो इलेक्ट्रॉनिक आइटम सस्ते होने चाहिए, लेकिन दुकानदारों का कहना है कि जो नए स्टॉक आएंगे वो महंगे होंगे। दिल्ली के लाजपत नगर में होम अप्लायंसेस शो रूम के मालिक अंकित के मुताबिक, 43 इंच का सोनी का 4K एलईडी टीवी जो जीएसटी से पहले 81 हजार का था अब वो करीब 84 हजार का मिलेगा। वहीं, 260 लीटर व्हर्पूल का फ्रिज जो 26 हज़ार का था वो अब 27000 का पड़ेगा। लॉयड का 1.5 टन का स्प्लिट एसी जो 25000 का पड़ता था, वो तकरीबन 28000 हज़ार का पड़ेगा।  बिग बाज़ार जैसे बड़े शॉपिंग सेंटर के बिल की लंबाई भी बढ़ गयी है। बिग बाजार से शॉपिंग करने वाली एक महिला रेणू ने बताया कि वह बिल से परेशान नहीं बल्कि खुश हैं, क्योंकि जीएसटी के बाद कई सामानों के लिए उन्हें कम पैसे खर्च करने पड़े हैं। दिल्ली की रहने वाली रेणू ने बताया है कि दाल, तेल और बिस्कुट जीएसटी के बाद सस्ते मिले हैं। जयपुर में पिछले दस साल से जयपुरी रज़ाईयों पर कोई भी टैक्स नहीं था, लेकिन अब जीएसटी लग गया है। जीएसटी के बाद एक हजार से कम कीमत वाली रजाई पर पांच फीसदी, एक हजार से ज्यादा कीमत वाली रजाई पर 12 फीसदी, फाइबर रूई से बनी रजाई पर 28 फीसदी, देसी रूई से बनी रजाई पर 18 फीसदी टैक्स लगने लगा है।

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