डीजेजेएस की ऑस्ट्रेलिया के माईंड बॉडी स्प्रिट प्रदर्शनी में सराहनीय सहभागिता

डीजेजेएस की ऑस्ट्रेलिया के माईंड बॉडी स्प्रिट प्रदर्शनी में सराहनीय सहभागिता

नई दिल्ली/अरविंद कुमार यादवः ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न सिटी में 9 से 12 जून, 2017 तक माईंड बॉडी स्प्रिट नामक से प्रदर्शनी आयोजित की गई। प्रदर्शनी में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान (डीजेजेएस) ने भी भाग लिया और संस्थान के साहित्य का स्टाल लगा कर डीजेजेएस ने लोगों को आत्मा के स्तर पर जागरूक होने का सन्देश भी दिया। गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्याएं साध्वी परमा भारती जी और साध्वी शैलसा भारती जी डीजेजेएस के मुख्य प्रचारक के तौर पर उपस्थित रही। पूरी प्रदर्शनी के दौरान लगभग 10,000 लोगों ने स्टाल का दौरा किया जिनमें युवाओं, बुजुर्गों और बुद्धिजीवियों सहित ऑस्ट्रेलिया के प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर जैसे लोग भी उपस्थित रहे। लोगों ने डीजेजेएस के उद्देश्य और विचार धारा से प्रभावित हो कर संस्थान से जुड़ने की रुची भी दिखाई। साध्वी परमा भारती जी ने स्टॉल में आए जिज्ञासुओं को समझाया कि यह कहा जाता है कि ’एक स्वस्थ मन एक स्वस्थ शरीर में वास करता है।’

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लेकिन भारत के प्राचीन संतों के अनुसार, ’स्वस्थ मन और स्वस्थ शरीर तभी संभव है जब आत्मा जागृत अवस्था में हो।’ साध्वी जी ने कहा कि आत्मा को स्वस्थ रखने के लिए एकमात्र प्रामाणिक प्रक्रिया है ब्रह्मज्ञान! ब्रह्मज्ञान भीतर की दिव्यता को प्राप्त करने का प्राचीन विज्ञान है। साध्वी शैलासा भारती जी ने आत्मा के सम्पूर्ण विकास को धर्म के आधार पर समझाया। आधुनिक भाग-दौड़ भरी ज़िन्दगी में शारीरिक और मानसिक तंदरुस्ती के तो कई ज़रिये हैं मगर आत्मिक तंदरुस्ती के प्रति मानव लापरवाह हैं। तन, मन व आत्मा के विकास द्वारा मानव का सम्पूर्ण विकास अन्य किसी उपाय से संभव नहीं हैद्यस्वयं को जानकर अपनी आत्मा में स्थित होकर ही पूरी तरह से स्वस्थ हो सकते हैं। जड़ अगर मज़बूत हो तो पेड़ के तने, फल-फूल सब सुंदर होते हैं। मानव मन व शरीर की सीमाओं और कमियों को दूर कर उन्नति के शिखर पर पहुँच जाता है। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान ऐसे ही समग्र विकास के कार्य कर रहा है।

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