मोदी सरकार के 3 साल पर बोले पीएल पुनिया, ‘आंतरिक सुरक्षा और विदेश नीति पूरी तरह से असफल′

रायपुर, छत्तीसगढ़/नगर संवाददाताः अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता पीएल पुनिया ने कहा है कि पिछले तीन सालों में केंद्र सरकार की देश की आंतरिक सुरक्षा और विदेश नीति पूरी तरह से असफल साबित हुई है। पुनिया ने कहा, ”नरेंद्र मोदी सरकार की पिछले तीन सालों में देश की आंतरिक सुरक्षा और विदेश नीति पूरी तरह से असफल साबित हुई है जिसके कारण हमारे पड़ोसी देशों से संबंध बिगड़ते जा रहे है। प्रधानमंत्री की गलत नीतियों के चलते भारत अलग-थलग पड़ता जा रहा है।” उन्होंने कहा कि हमारे पुराने मित्र देश जो हमेशा हर परिस्थितियों में हमारे साथ खड़े नजर आते थे आज हमसे दूर होते जा रहे है। आंतरिक सुरक्षा के मामले में भी मोदी सरकार का प्रदर्शन बहुत निराशाजनक रहा है। मोदी सरकार देश के नागरिकों को और विदेशों में रह रहे भारतीयों को सुरक्षा देने में असफल रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के तीन साल के कार्यकाल में देश में आतंकवाद और नक्सली समस्या में बढ़ोतरी हुई है. जम्मू-कश्मीर की स्थिति नियंत्रण से बाहर है। हालात खराब होते जा रहे है। पुलिस और सेना के जवानों पर जगह-जगह पत्थर फेंके जा रहे है। नरेन्द्र मोदी सरकार के तीन साल के शासन की आलोचना करते हुए कांग्रेस ने कहा कि देश की सीमाएं खतरे में हैं क्योंकि पिछले तीन साल में 172 आतंकी हमले हुए हैं और सैकड़ों सैनिकों और नागरिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। कांग्रेस सचिव अमित देशमुख ने इस बात का जिक्र किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में है और आंतरिक सुरक्षा भी जोखिम में है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार इस तरह की पृष्ठभूमि में अपने शासन के तीन साल के बारे में शेखी बघार रही है। कांग्रेस सचिव ने कहा, ‘‘मोदी सरकार ने अपने शासन के तीन साल अभी-अभी पूरे किए हैं लेकिन हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा की स्थिति बुरी है। सरकार हर मोर्चे पर बुरी तरह से नाकाम रही है। वे तीन साल के अपने शासन की शेखी बघार रहे हैं लेकिन वास्तविकता यह है कि हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे में है.’’ उन्होंने कहा कि दीना नगर, उधमपुर, पठानकोट, श्रीनगर, पंपोर, अखनूर जैसी घटनाओं की सूची लंबी है. लेकिन सरकार अपनी नाकामियों पर गौर करते नजर नहीं आ रही बल्कि यह तीन साल के अपने शासन को बढ़ा चढ़ा कर पेश कर रही है। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पिछले तीन साल में करीब 172 आतंकी हमले हुए हैं। पिछले 21 महीनों में ही 12 बड़े आतंकी हमले हुए हैं। पिछले तीन साल में कुल 578 जवान शहीद हुए हैं और 877 नागरिक मारे गए हैं।’’ देशमुख के मुताबिक कुल 203 जवान तो केवल जम्मू कश्मीर में ही शहीद हुए हैं जबकि पाकिस्तान जम्मू कश्मीर में 1, 343 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन करने में संलिप्त रहा है। उन्होंने कहा कि देश में पिछले तीन सालों में 578 जवान शहीद हुए हैं और 877 नागरिक मारे गए हैं। केवल जम्मू-कश्मीर में 203 जवान शहीद हुए हैं। जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान द्वारा 1343 बार युद्ध विराम का उल्लंघन किया गया है। पिछले 21 महिनों में भारत पर 172 आतंकी हमले हुए हैं जिसमें 12 बड़े हमले हुए हैं। पुनिया ने कहा कि प्रधानमंत्री की गलत नीतियों के कारण ही जम्मू-कश्मीर के हालात हाथ से निकलते नजर आ रहे है। इसके लिए अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है. कश्मीर में चारों तरफ हिंसा, अशांति और उग्रवाद है। लोकतंत्र पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि इन तीन सालों में देश में नक्सलवाद ने तेजी से पैर फैलाए हैं। सरकार नक्सलवादी घटनाओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। छत्तीसगढ़ में झीरम घाटी कांड में कांग्रेस नेताओं के साथ सुरक्षाकर्मियों की शहादत हुई, लेकिन उसकी जांच अभी तक नहीं हो पा रही है। कांग्रेस नेता ने इस घटना की जल्द से जल्द सीबीआई जांच की मांग दुहराई।

 

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