मलबे को साफ करने का काम जारी, उत्तराखंड सरकार ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

उत्तरकाशी, उत्तराखंड/नगर संवाददाताः पिछले कुछ समय से चमोली जिले में लगातार हो रही बारिश यात्रियों के लिए मुसीबत बन गई है। चमोली जिले में जोशीमठ के समीप हाथीपहाड़ की चोटी से आए मलबे के कारण शुक्रवार से बदरीनाथ हाईवे बंद हो गया है। हाईवे पर करीब 15 हजार यात्री फंसे हुए हैं। शनिवार को अधिकारियों ने उत्तराखंड में भूस्खलन स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि बीआरओ राजमार्ग को साफ करने के लिए काम कर रहा है। साथ ही फंसे पर्यटकों को हर तरह की सहायता दी जा रही है। साथ ही उत्तराखंड सरकार ने चार धाम तीर्थयात्रियों के लिए पर्यटक हेल्पलाइन नंबर जारी किए। 0135-2559898, 2552626, 2552627, 2552628 और 1364। चमोली के जिलाधिकारी आशीष जोशी ने बताया कि सीमा सड़क संगठन के जवान मलबे को साफ करने में लगे हैं और कल दोपहर तक राजमार्ग को यातायात के लिये खोल दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बदरीनाथ की यात्रा पर आये श्रद्वालुओं को कोई दिक्कत न हो, इसके लिए उन्हें जोशीमठ, पीपलकोटी, कर्णप्रयाग, गोविंदघाट और बदरीनाथ में ही सुविधाजनक स्थानों पर ठहरने को कहा गया है। राजमार्ग जोशीमठ और बदरीनाथ के बीच विष्णुप्रयाग के समीप बंद है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार दोपहर के वक्त हाथीपहाड़ में चट्टान से हाईवे पर पत्थर गिरने शुरू हुए थे। जानकारी मिलते ही दोपहर करीब ढाई बजे प्रशासन ने पर्यटकों और यात्रियों के वाहनों को रोकना शुरू किया। इसके बाद करीब साढ़े तीन बजे हाथीपहाड़ में अचानक चट्टान टूटकर गिरने के बाद हाईवे का 50 मीटर हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इसके चलते हाथीपहाड़ में दोनों छोरों पर 500 से अधिक छोटे बड़े वाहन फंस गए हैं। बदरीनाथ धाम में फंसे यात्रियों को फिलहाल वहीं रुकने के लिए कहा गया है, जबकि बदरीनाथ धाम जाने वाले यात्रियों को जोशीमठ, पीपलकोटी, चमोली सहित अन्य स्थानों पर रुकने के लिए कहा गया है।

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