जो ईश्वर का चिन्तन करता है वह स्वतः ही चिन्ता से मुक्त हो जाता है – सुश्री आस्था भारती

जो ईश्वर का चिन्तन करता है वह स्वतः ही चिन्ता से मुक्त हो जाता है – सुश्री आस्था भारती

नई दिल्ली/अरविंद कुमार यादवः ओबेदुल्लागंज, मध्य प्रदेश में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्थान के विषय में जानकारी प्रदान करते हुए दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के संस्थापक एवं संचालक श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या भागवताचार्या महामनस्विनी विदुषी सुश्री आस्था भारती जी ने कहा कि पंजाब में सर्व श्री आशुतोष जी महाराज ने उस समय संस्थान की शुरुआत की जब चारों और आतंकवाद की घोर कालिमा थी। उस समय चंद लोगों को लेकर शुरु हुआ यह संस्थान आज विश्व स्तरीय ख्याति प्राप्त कर चुका है जिसके करोड़ों की संख्या में अनुयाई हैं। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान का उद्देश्य धर्म को व्यवसाय बनाना नहीं बल्कि ब्रह्मज्ञान के माध्यम से धर्म को जन-जन में प्रचारित करना है क्योंकि धर्म प्रदर्शन नहीं अपितु दर्शन का विषय है। साध्वी जी ने बताया कि संस्थान में हजारों युवा अपना सब कुछ त्याग कर केवल समाज कल्याण हेतु कार्यरत हैं जो कि साधन संपन्न परिवारों के शिक्षित उजाले हैं। यह सभी ब्रह्मज्ञान की मशाल लेकर विश्व शांति के संकल्प को सार्थक करने हेतु सर्व श्री आशुतोष महाराज जी के मार्ग दर्शन में सेवा कर रहे हैं।

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कथा का व्याख्यान करते हुए साध्वी आस्था भारती जी ने बताया कि वर्तमान समाज में अशांति का मूल कारण मानव मन की अशांति है और इस मन को शांत करने हेतु मानव को ब्रह्मज्ञान की नितांत आवश्यकता है। भगवान की अनन्त लीलाओं में छिपे गूढ़ आध्यात्मिक रहस्यों को कथा प्रसंगों के माध्यम से उजागर करते हुए साध्वी आस्था भारती जी ने अजामिल एवं प्रह्लाद प्रसंग भी प्रस्तुत किया। अजामिल प्रसंग प्रस्तुत करते हुए उन्होंने बताया कि मानव के जीवन पर आसपास के दृश्यों का बहुत प्रभाव पड़ता है। अजामिल के द्वारा देखे गए एक अश्लील दृश्य ने उसके जीवन को कुमार्ग पर बढ़ा दिया। एक गलत दृश्य का यदि ऐसा दुष्परिणाम हो सकता है जो ऐसे समाज का क्या होगा जहाँ हर पल युवाओं व भावी पीढ़ी के आगे ऐसे ही वासनात्मक व अश्लील दृश्य प्रस्तुत किए जा रहे हैं इसलिए केवल कोरी शिक्षा नहीं अपितु दीक्षा की भी परम आवश्यकता है। संस्थान द्वारा अनेकों आध्यात्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में चेतना का संचार किया जा रहा है जो अपने आप में अद्वितीय मिसाल है। इस कथा की मार्मिकता व रोचकता से प्रभावित होकर अपार जनसमूह के साथ-साथ मध्य प्रदेश के मुख्य अतिथिगण भी कथा प्रसंगों को श्रवण करने के लिए कार्यक्रम में उपस्थित रहेः- माननीय श्री शिवराज सिंह चौहान जी (मुख्य मंत्री, मध्य प्रदेश), श्री सीतासरन शर्मा जी (विधान सभा अध्यक्ष, मध्य प्रदेश), श्री सुरेंद्र पटवा जी (पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री, मध्य प्रदेश), श्रीमती अर्चना चिटनिसजी (महिला एवं बाल विकास मंत्री, मध्य प्रदेश), श्री पारस चंद्र जैन जी (उर्जा मंत्री, मध्य प्रदेश), श्री दीपक जोशी जी (तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास मंत्री), श्री शैलेश लोढा जी (टीवी कलाकार ’तारक मेहता का उल्टा चश्मा’)। आध्यात्मिक व सामाजिक तथ्यों से परिपूर्ण इस विलक्षण व रोचक कथा को श्रवण कर भक्तगण आनंद विभोर हो उठे। कथा के समापन पर पूर्णाहुति व हवन यज्ञ का भी अयोजन किया गया।

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