बदरीनाथ के लिए अवरोध बनेगा भूस्खलन जोन

चमोली, उत्तराखंड/नगर संवाददाताः चमोली जिले में बदरीनाथ धाम के निकट कंचनगंगा भूस्खलन जोन इस बार भी यात्रियों की राह का रोड़ा बनेगा। शीतकाल के दौरान कंचनगंगा में भूस्खलन बढ़ा है, परंतु सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) अब तक इसके ट्रीटमेंट को लेकर गंभीर नहीं है। कंचनगंगा भूस्खलन जोन पहले भी यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनता रहा है। बदरीनाथ धाम से एक किमी पहले कंचनगंगा में इस वर्ष भी शीतकाल के दौरान भारी-भरकम हिमखंड आने के बाद यहां हाइवे को क्षति पहुंची है। हालांकि, यात्रा व्यवस्थाओं में लगे बीआरओ की टीम इस स्थान पर सड़क से मलबा हटाकर वाहनों की आवाजाही करा रही है। परंतु, बरसात के दौरान यह भूस्खलन जोन यात्रियों के लिए मुसीबत का सबब बन सकता है। बीते वर्षों में भी यात्रियों को यहां परेशानी का सामना करना पड़ा था। उस पर इस बार कंचनगंगा में भूस्खलन और बढ़ गया है। हालांकि, बीआरओ के अधिकारियों का कहना है कि बदरीनाथ हाइवे पर जितने भी भूस्खलन जोन हैं, उनके ट्रीटमेंट की कार्ययोजना बनाई गई है। विदित हो कि अभी तक यात्राकाल के दौरान लामबगड़ भूस्खलन जोन यात्रियों के लिए मुसीबत बनता रहा है। परंतु, इस बार कंचनगंगा में भी यात्रियों को दिक्कतें हो सकती है। बीआरओ के ओसी मेजर पीके राना का कहना है कि बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले भूस्खलन जोन पर ट्रीटमेंट की कार्रवाई पूरी कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि बरसात के दौरान भूस्खलन वाले स्थानों पर जेसीबी मशीनें व मजदूरों की हर समय तैनाती रहेगी।

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