अगर ईवीएम से छेड़छाड़ संभव होती तो आज मैं सत्ता में नहीं होता: अमरिंदर सिंह

अमृतसर, पंजाब/नगर संवाददाताः पिछले महीने संपन्न हुए पंजाब विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत के नायक रहे मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, ईवीएम में छेड़छाड़ के मुद्दे पर चुनाव आयोग के साथ नज़र आये। सिंह ने बुधवार को कहा की अगर ईवीएम से छेड़छाड़ होती तो वह सत्ता में नहीं होते। पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अगर ईवीएम से छेड़छाड़ की गई होती तो मैं यहां नहीं बैठा होता। यहां अकाली होते।’’ पूर्व कानून मंत्री वीरप्पपा मोईली के बाद अमरिंदर सिंह कांग्रेस के दूसरे वरिष्ठ नेता हैं जो ईवीएम के बचाव में उतरे हैं जबकि कांग्रेस का आरोप है कि मशीन से छेड़छाड़ हुई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने बुधवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाक़ात के दौरान भी ईवीएम मशीन का मुद्दा उठाया। कांग्रेस ने मांग की है कि ईवीएम की जगह पुराने मतपत्रों का इस्तेमाल किया जाये। सोनिया गांधी की पार्टी दूसरे विपक्षी दलों के साथ मिलकर इलज़ाम लगा रही है कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों से छेड़छाड़ हुई है और इसी की वजह से उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड में बीजेपी को विधानसभा चुनाव जीतने में सहयोग मिला। इस बीच चुनाव आयोग ने आज सियासी पार्टी और विशेषज्ञों को ईवीएम हैक करने की ‘‘खुली चुनौती’’ दी है। गौरतलब है कि कांग्रेस ने पंजाब में 117 विधानसभा सीटों में से 77 पर जीत हासिल की थी और लंबे समय से सत्तासीन अकाली दल को बेदखल कर दिया था। लेकिन आज कांग्रेस ने अन्य विपक्षी दलों के साथ चुनाव आयोग में ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत की। पार्टियों का आरोप है कि मशीन में गड़बड़ी के चलते बीजेपी को उत्तर प्रदेश में भारी बहुमत मिला है।

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