खाद्यान्न वितरण में गड़बड़ करने वालों को अब सीधे होगी जेल-डीएम

गोंडा, यूपी/श्याम बाबूः कोटेदारों के साथ बैठक कर डीएम ने चेतावनी दी 5, 6 व 18 अप्रैल को विशेष अभियान चलेगा। जिलाधिकारी ने जनपद में खाद्यन्न वितरण में लगातार मिल रही शिकायतों पर सख्त रूख अपनाया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि साफ-सुथरी वितरण व्यवस्था हर हाल में बनाई जाय और हर पात्र व्यक्ति को खाद्यन्न मिले यह भी प्रत्येक दशा में सुनिश्चित कराना है। इसलिए अब खाद्यान्न वितरण में गड़बड़ करने वाले सुधर जायें अन्यथा उनकी जगह अब सिर्फ जेल होगी। यह चेतावनी डीएम ने जिला पंचायत सभागार में जनपद के कोटेदारों और विपणन निरीक्षकों एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए दी है। जिलाधिकारी ने साफ कर दिया है कि खाद्यान्न माफिया सुधर जाएं अन्यथा उनके खिलाफ कड़े से कड़ा एक्शन लिया जाएगा। उन्होने कोटोदारों को आगाह किया है कि यदि कोटा किसी के नाम और उसका संचालन कोई दूसरा या प्रभावशाली व्यक्ति करता पाया जाएगा तो कोटा निरस्त करने के साथ कोटेदार और संचालक दोनों को जेल भेजने के साथ ही उनके विरूद्ध कठोर कानूनी कार्यवाही की जाएगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक माह की 5, 6 और 18 तारीख तक पूरे जनपद में खाद्यान्न वितरण शत-प्रतिशत हो जाना चाहिए और उसकी रिपोर्ट उनके कैम्प कार्यालय पर हर हाल में उपलब्ध कराई जाय। जिलाधिकारी ने इस सम्बन्ध में सभी कोटेदारों से निर्धारित प्रारूप पर लिखित रूप से रिपोर्ट मांगी है। जिसके अनुसार कोटेदार को यह सत्यापित करना होगा कि वह ही स्वयं कोटा संचालित करता है, खाद्यान्न एवं मिट्टी के तल की निकासी स्वयं करता है, उठान हेतु स्वयं उसके द्वारा ही मूल्य जमा किया जाता है, कोटोदार गोदाम से स्वयं खाद्यान्न का उठान करता है, कोटे की दुकान निर्धारित चाौहद्दी पर ही संचालित की जा रही है, कार्ड धारकों को निर्धारित मात्रा के अुनरूप राशन दिया जाता है अथवा नहीं, विक्रेता की दुकान स्वयं उसके घर में है, अथवा किसी अन्य व्यक्ति के घर में है, विक्रेता की दुकान की चैहद्दी जो अनुबन्ध पत्र में अंकित है क्या उसी पर दुकान संचालित है, अथवा उससे भिन्न स्थान पर, विक्रेता की दुकान उसके मूल स्वामित्व में है अथवा किसी अन्य व्यक्ति के, विक्रेता को खाद्यान्न निर्धारित मात्रा में गोदाम पर तौल कर दिया जा रहा है, अथवा नहीं, विक्रेता को निकासी देते समय बोरे को वजन कम करके दिया जाता है अथवा नहीं, विक्रेता की दुकान पर खाद्यान्न, मिट्टी तेल पहुंचने पर उसका तृतीय स्तर पर सत्यापन किया जाता है, अथवा नहीं, विक्रेता को दी जाने वाली बोरियों पर माहवार, योजनावार स्टैंसिल की जा रही है, अथवा नहीं, विक्रेता द्वारा प्रतिमाह नियमित वितरण किया जा रहा है अथवा नहीं, विक्रेता की दुकान पर सत्यापनकर्ता अधिकारी, पर्यवेक्षणीय अधिकारी नियत तिथि पर उपस्थित होते हैं, अथवा नहीं, विके्रता की दुकान पर अन्त्योदय, पात्र गृहस्थियों की सूची पेन्ट है, अथवा नहीं, विके्रता की दुकान पर रेट बोर्ड, स्टाक बोर्ड, साइन बोर्ड प्रदर्शित है अथवा नहीं, विके्रता द्वारा प्रत्येक माह वितरण रजिस्टर की छाया प्रति आपूर्ति कार्यालय में जमा की जा रही है अथवा नहीं, विक्रेता के दुकान पर सम्बद्ध समस्त लाभार्थियों का आधार कार्ड फीड हो गया है, अथवा नहीं, विक्रेता द्वारा माह की 18 तारीख को अन्तिम स्टाक अवशेष पर्यवेक्षणीय अधिकारी से सत्यापित कराया जाता है अथवा नहीं, विक्रेता द्वारा मात्रा व मूल्य के अनुसार खाद्यान्न तथा मिट्टी के तेल का वितरण किया जा रहा है अथवा नहीं, विक्रेता को अपनी दुकान पर दुकान स्तरीय सर्तकता समिति के सदस्यों का नाम व मोबाइल नम्बर की वाल पेंटिंग अनिवार्य रूप से करानी होगी। इसके अलावा सर्तकता समिति के सदस्यों का नाम क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक द्वारा उचित दर विक्रेताओं को उपलब्ध कराया जायेगा। इस अवसर पर, एसडीएम तरबगंज राम सजीवन मौर्य, एसडीएम मनकापुर अमरेश, जिला पूर्ति अधिकारी विमल शुक्ला, पूर्ति निरीक्षकगण, मार्केटिंग इन्स्पेक्टर व जनपद के सभी ब्लाॅकों के कोटेदार उपस्थित रहे।

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