तीन तलाक का विरोध करने के लिए मुस्लिम युवती ने रचाई हिंदू युवक से शादी

जोधपुर, राजस्थान/नवलः फलौदी कस्बे में मुस्लिम परिवार की एक युवती ने साहसिक कदम उठाते हुए न केवल तीन तलाक का विरोध किया, बल्कि रूढि़वादी परंपराओं को तोड़ते हुए अपनी पसंद का जीवनसाथी भी चुना। उसने हिन्दू रीति-रिवाज से विवाह किया और कहा कि हिन्दू धर्म सुरक्षित है तथा यह महिलाओं का सम्मान करने वाला है। यह हिम्मत दिखाई है तस्लीमा और आशीष राजपुरोहित ने। दोनों बालिग हैं और अपने फैसले करने में सक्षम हैं। तभी तो दोनों ने जाति और धर्म से ऊपर उठकर एक दूसरे को अपना हमसफर चुन लिया। इस फैसले में तस्लीमा की भूमिका बड़ी रही। उसने तीन तलाक को मुस्लिम समाज की कुरीति माना और सारे विरोध को दरकिनार कर अपनी पसंद से शादी की। जोधपुर से करीब 150 किलोमीटर दूर स्थित फलौदी कस्बे में हिंदू परम्परा से इस शादी की सारी रस्में निभाई गईं। विवाह के दौरान सभी रिवाजों को तस्लीमा ने पूरे मन से निभाया। शादी रचाने के बाद उसने कहा कि बचपन से उसे हिन्दू धर्म की परम्पराएं खूब अच्छी लगती हैं। हिंदू धर्म में जीवनभर अपनी पत्नी के अलावा दूसरी महिलाओं को बहन और बेटी की नजर से देखा जाता है। फलौदी में हुई यह शादी पूरे कस्बे में चर्चा का विषय बन चुकी है। नवविवाहित जोड़े को देखने और मिलने के लिए लोग पहुंच रहे हैं।

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