नोटबंदी के कारण डेबिट कार्ड का उपयोग बढ़ा, पिछड़ा क्रेडिट कार्ड

मुंबई, महाराष्ट्र/नगर संवाददाताः नोटबंदी के बाद देश में अफरा-तफरी का माहौल हो गया था। इस क्रम में डेबिट कार्ड ने कब क्रेडिट कार्ड को पीछे कर दिया यह पता ही नहीं चला। देश में डेबिट कार्ड ट्रांजैक्‍शन में काफी इजाफा हुआ। गत वर्ष अक्टूबर तक कार्ड्स पेमेंट में डेबिट कार्ड्स का शेयर मात्र 42 फीसद था और 58 फीसद भुगतान क्रेडिट कार्ड्स के जरिए हो रहे थे। 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी की घोषणा के बाद इसमें 60 फीसद इजाफा हुआ। इस बदलाव में छोटे पब्‍लिक सेक्‍टर बैंकों जैसे ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, पंजाब ऐंड सिंध बैंक जैसे बैंकों के ग्राहकों की ओर से डेबिट कार्ड्स के इस्तेमाल में 5 गुना तक इजाफा हुआ है। अक्‍टूबर 2016 की तुलना में दिसंबर 2016 में डेबिट कार्ड ट्रांजैक्‍शन में तिगुना इजाफा हुआ। हालांकि जनवरी में कम होकर यह दोगुने पर आकर रुक गया। हालांकि पेमेंट्स कंपनियों के अनुसार ज्यादातर ग्राहक बिल भरने, पेट्रोल की पेमेंट करने और ट्रैवल बुकिंग आदि के लिए ही डेबिट कार्ड्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। गत वर्ष अक्टूबर में पब्‍लिक सेक्‍टर के बैंकों की ओर से जारी 61.7 करोड़ डेबिट कार्ड्स पर 10,893 करोड़ रुपये की ट्रांजैक्शन देखी गई। हालांकि इसके मुकाबले महज 12.25 करोड़ डेबिट कार्ड्स ही जारी करने वाले प्राइवेट बैंकों के ग्राहकों ने 11,048 करोड़ रुपये के भुगतान किए। इस साल जनवरी में पब्‍लिक सेक्टर के बैंकों की ओर से जारी डेबिट कार्ड्स से 29,339 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन हुए, जबकि प्राइवेट बैंकों का आंकड़ा 19,664 करोड़ रुपये ही रह गया। नोटबंदी से पहले अक्टूबर में प्रति 100 डेबिट कार्ड्स पर महीने में 19 ट्रांजैक्शन होते थे जो दिसंबर में 54 ट्रांजैक्शन पर पहुंच गया। हालांकि मार्केट में कैश की वापसी के साथ ही जनवरी में यह कम होते हुए 40 ट्रांजैक्शन पर आ गया। बैंकर्स का कहना है कि यदि डेबिट कार्डधारक औसतन महीने में एक बार भी कार्ड का यूज करते हैं तो यह आंकड़ा 80 फीसद के स्तर को पार कर जाएगा। आने वाले दिनों में सरकारी बैंकों के छोटे शहरों के ग्राहकों की ओर से डेबिट कार्ड्स का इस्तेमाल बढ़ने की उम्मीद है। नेशनल पेमेंट्स कमिशन ऑफ इंडिया के एक अधिकारी ने बताया, ‘बड़े शहरों में डेबिट कार्ड की तुलना में क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल अधिक होता है। रिवॉर्ड्स के चलते ग्राहक क्रेडिट कार्ड चुनते हैं। लेकिन, छोटे शहरों में डेबिट कार्ड ही एकमात्र जरिया है।’

Share This Post

Post Comment