राजस्थानी लोक संस्कृति मंच का जोरदार आगाज़

सेलम, तमिलनाडु/नितेश जैनः सभ्यता की धनी मरुधर भूमि राजस्थान की सेलम प्रवासी तेरापंथी महिलाओं ने श्रीमती कंचन सेठिया के नेतृत्व में विस्मृत हुये प्रमुख मारवाड़ी पर्वों को परम्परागत ढंग से मनाने हेतु लोक संस्कृति मंच नामक एक समिति का गठन किया है। हरेक त्योहार का अपना एक सामाजिक महत्व तो होता ही है साथ ही उसको मनाने के पीछे एक वैधानिक कारण भी होता है। समिति का उद्देश्य नयी पीढ़ी की महिलाओं एवं कन्याओं को राजस्थानी संस्कृति को संजोए रखने के लिए बुजुर्ग महिलाओं के साथ मिलकर एक मंच पर संगठित करना है। आधुनिक युग में किस प्रकार सशक्त होती महिलाएं समाज से कु-रितियों एवं रूढ़िवाद का उन्मूलन करते हुए भी सभ्य और सुन्दर बन सकती है इस का परिचय सेलम की मारवाड़ी महिलाओं ने दिया है। गणगौर की पूजा के साथ लोक संस्कृति मंच ने शनिवार की शाम को भव्य समारोह में तब्दील कर एक जोरदार शुरुआत की है। श्रीमती कंचन सेठिया के निवास स्थान पर आयोजित इस कार्यक्रम में लगभग 60 महिलाएं व कन्याएं सम्मिलित हुए। सोलह श्रृंगार में सजीधजि नारियों ने गणगौर की पूजा करने के पश्चात गीत नाटक से उत्सव मनाया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती तारा बाबेल ने किया।

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