चुनाव आयोग ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा- स्वराज इंडिया पार्टी से भेदभाव नहीं

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने हाई कोर्ट में कहा कि स्वराज इंडिया पार्टी के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है। आयोग ने न्यायमूर्ति हिमा कोहली के समक्ष कहा कि उसके पास 27 ऐसी पंजीकृत, लेकिन अपरिचित पार्टियों ने एकसमान चुनाव चिह्न् देने के लिए आवेदन किया था। किसी को भी एकसमान चुनाव चिह्न् नहीं दिया गया है। अदालत स्वराज इंडिया की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसने एकसमान चुनाव चिह्न् प्रदान करने की मांग की है। आयोग ने कहा कि उसे एकसमान चुनाव चिह्न् देने का अधिकार ही नहीं है। यह अधिकार केवल भारतीय चुनाव आयोग को है और हमने उसी के अनुसार नियम तय किए हैं। निगम चुनाव में ईवीएम में प्रत्याशी की फोटो भी लगाई जा रही है, ऐसे में मतदाताओं को कोई परेशानी नहीं होगी। स्वराज इंडिया ने अंतिम समय में याचिका दायर की है। हम ऐसी स्थिति में नहीं हैं कि निर्णय कर सकें। चुनाव की अधिसूचना भी जारी की जा चुकी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार अधिसूचना जारी होने के बाद अदालत को हस्तक्षेप से बचना चाहिए। पेश याचिका में बताया गया है कि आम आदमी पार्टी से निष्कासन के बाद योगेंद्र यादव व अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने स्वराज इंडिया पार्टी का गठन किया। चुनाव आयोग ने 7 मार्च को स्वराज इंडिया के उस अनुरोध को खारिज कर दिया, जिसमें उसने पार्टी को सभी वाडरें के लिए एकसमान चुनाव चिह्न् प्रदान करने की बात कही थी। भारतीय चुनाव आयोग के आदेश के तहत चुनाव चिह्न् (आरक्षण और आवंटन), (संशोधन) 2016 में आयोग स्वयं ही नए पंजीकृत राजनीतिक दलों को अपने सभी उम्मीदवारों के लिए पहला चुनाव लड़ने के लिए एकसमान चुनाव चिह्न् देता है।

 

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