राजस्थान राज्य के जालोर जिले में फिर से एक दलित छात्र की हत्या

जालोर, राजस्थान/मुकेशः राजस्थान राज्य के जालोर जिले के सायला में फिर से एक दलित छात्र की हत्या, पुलिस और प्रशासन इसे आत्महत्या का मामला बताकर दबाने की कोशिश कर रही हैं। राजस्थान राज्य के जालोर जिले के सायला में  फिर से एक दलित छात्र की हत्या की गयी। पुलिस और यहाँ तक माने तो प्रशासन भी इसे आत्महत्या का मामला बताकर दबाने की कोशिश कर रही हैं, जबकि छात्र के परिजन इसे हत्या, मर्डर केस बता रहे  हैं। जानकारी के अनुसार जालोर जिले के सायला पंचायत समिति के मोकनी खेड़ा के गोकुलराम पुत्र तगाराम मेघवाल ने रिपोर्ट दर्ज कर बताया की, मेरा भतीजा विक्रम कुमार पुत्र मांगीलाल उम्र 18 वर्ष सायला कस्बे में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सायला में कक्षा बारहवीं में अध्यनरत था और वह सायला में स्थित पुखराज छात्रावास में ही रहता था। उन्होंने बताया की आज सुबह मुझे करीब प्रातः 7:30 बजे मेरे पास फोन आया की मेरे भतीजे विक्रम कुमार ने फांसी खाई हैं, तब उसी वक्त मैं पुखराज छात्रावास सायला में आया। तथा मैंने विक्रम कुमार को पेड से लटका देखा, एवम् वहां पर कुर्सी पास में रखी हुई थी। जो उसके पैरों के बिल्कुल पास थी, जो उसके लटकते हुए पैरों से ऊपर थी। मुँह में कपड़ा (मफलर ) ठुंसा हुआ था, तथा रस्सी भी इतनी पतली थी, की उसके भार से टुट सकती थी। तथा इसके पास से मिला लिखित कागज़ भी इसके हाथों का लिखा हुआ नहीं हैं। गोकुलराम ने यह भी बताया की विक्रम कुमार ने घटना के 4 -5  दिन पहले घर पर भी बताया था, कि सायला निवासी भीमाराम राव व 2 -3 अन्य लड़के परेशान करते हैं, रात को पुखराज छात्रावास में ढूंढने गया था।  यह बात छात्रावास में रह रहे बच्चों ने मुझे बताई हैं। गोकुलराम ने यह भी रिपोर्ट में बताया कि इस मामले में मुझे हत्या की साजिश लग रही हैं। उक्त रिपोर्ट पर पुलिस थाना सायला के थानाधिकारी अरविंद कुमार पुरोहित एवम् स्थानीय पुलिस थाने के पुलिस ने भीमाराम राव को गिरफ्तार कर लिया हैं। सूत्रों की माने तो अभी तक इस पुरे मामले में अन्य 2 से 3 इसमें शामिल अभियुक्तों को गिरफ्तार करना अभी बाकी हैं।  मामले की जाँच डी वाई एस पी जालोर डॉक्टर दुर्गसिंह राजपुरोहित कर रहे हैं। पुलिस मामले की जाँच करने में जुटी हुई हैं। लेकिन सूत्रों की माने तो पुलिस और प्रशासन इसे आत्महत्या का मामला बताकर इस मामले को दबाने की कोशिश की जा रही हैं। लेकिन परिजन इसे हत्या और मर्डर होना बता रहे हैं। अब देखना यह हैं कि पुलिस और प्रशासन इस मामले को किस प्रकार वास्तविक रूप से गंभीरता से लेती हैं  या फिर इसमें पुलिस और प्रशासन की भी मिलीभगत हो सकती हैं। पुलिस और प्रशासन इस मामले को कितना गंभीरता से लेती हैं, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि क्या ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन को ऐसे मामलों को इस प्रकार से दबाना चाहिए या फिर कड़ी कार्यवाही कर दोषी मुल्जिमों को जल्दी से जल्दी गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे लाना चाहिए। ऐसे दोषी मुल्जिमों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही करके क़ानूनी कार्यवाही करनी चाहिए। यह तो अब आने वाला वक्त ही बताएगा की पुलिस और प्रशासन को ठोस कदम अपनाना चाहिए या फिर दोषी मुल्जिमों के साथ मिलना चाहिए। अगर पुलिस और प्रशासन उचित न्याय कर उन दोषी मुलजिमों को गिरफ्तार करके उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलवाये तो यह बात साबित हो जायेगी कि पुलिस और प्रशासन जनता के साथ हैं, जनता की सेवा करती हैं ,अन्यथा इसके विपरीत और तो और ऐसे मामलों में मिलीभगत पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों के खिलाफ भी कानूनी कार्यवाही कर उन्हें पद से बर्खास्त करना चाहिए। अब यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा की दलित समाज के साथ आये दिन ऐसी घटती हैं प्रशासन मौन होकर बैखौफ की तरह व्यवहार कर रही हैं। और तो और ऐसे मामलों में यहाँ तक यह बात सूत्रों के हवालें से साबित होती हैं , ऐसे मामलों में विशेष रूप से पुलिस और प्रशासन के साथ – साथ जनप्रतिनिधियों का भी हाथ होना भी बताया जाता हैं, लेकिन यह तो आने वाला चुनाव ही बताएगा। ऐसे जनप्रतिनिधियों का क्या हाल होता हैं , जो इस प्रकार से बाज आते हैं। अब देखना यह हैं की पुलिस और प्रशासन इस मामले को किस प्रकार से संज्ञान में इस पर कार्यवाही करती हैं , इसमें पुलिस और प्रशासन की क्या तफ्तीश होती हैं ? यह तो आने वाला समय ही बताएगा ।  इधर मेघवाल समाज के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त हैं।

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