इंदौर में पाबंदी तोड़कर हुक्का पिलाने वालों के खिलाफ मुहिम तेज

इंदौर, मध्यप्रदेश/नगर संवाददाताः प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करते हुए मध्य प्रदेश के इंदौर में खासकर युवा ग्राहकों को चोरी-छिपे हुक्का पिलाने वाले लोगों के खिलाफ प्रशासन ने मुहिम तेज कर दी है। अवैध हुक्का बार संचालकों के खिलाफ पिछले 15 दिनों में दो आपराधिक मामले दर्ज कराये गये हैं। प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि ताजा मामला स्कीम नम्बर 94 के अपने घर में हुक्का बार चलाने वाले प्रखर आनंद के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 188 के तहत कनाड़िया पुलिस थाने में चार जनवरी को दर्ज कराया गया है। उन्होंने बताया, ‘हमने आनंद के घर पर छापा मारा, तो वहां कुछ ग्राहक हुक्का पीते पाये गये. वहां से बड़ी तादाद में हुक्के और इसमें इस्तेमाल होने वाले अलग-अलग स्वाद वाले द्रव बरामद किये गये। शुरूआती जांच में पता चला कि इस घर में ग्राहकों को पिछले पांच महीने से चोरी-छिपे हुक्का पिलाया जा रहा था।’ अधिकारी ने बताया कि प्रशासन ने अवैध हुक्का बार चलाने के मामले में गत 21 दिसंबर को भी दो लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया था। जिला प्रशासन ने सीआरपीसी की धारा 144 के तहत हुक्का बारों और शीशा लाउंजों के संचालन पर रोक लगा रखी है। यह कदम स्वास्थ्य विभाग की उस जांच रिपोर्ट के आधार पर उठाया गया, जिसमें इन केंद्रों से खासकर युवाओं की सेहत पर बुरे असर की पुष्टि हुई थी। तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम में मध्यप्रदेश सरकार के सलाहकार डॉ. बीएम श्रीवास्तव ने कहा कि हुक्का बार संचालक हुक्कों में निकोटिन युक्त कृत्रिम रसायनों का इस्तेमाल करते हैं, जो इसे पीने वालों को इसकी लत का गुलाम बना देते हैं. ये रसायन स्वास्थ्य के लिये हानिकारक भी होते हैं। उन्होंने कहा, ‘ऐसे तत्व भी सक्रिय हैं, जो ग्राहकों को हुक्के की घर पहुंच सेवा देते हैं या पार्टियों में हुक्का मुहैया कराते हैं।’ श्रीवास्तव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार को सूबे भर में हुक्के को प्रतिबंधित कर देना चाहिये, ताकि इसकी लत को फैलने से रोका जा सके।

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