नजीब ने छोड़ा उप राज्यपाल का पद पर “आप” की ‘जंग’ रहेगी जारी

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः उप राज्यपाल नजीब जंग के अचानक इस्तीफे से दिल्ली की राजनीतिक सरगर्मी और तेज हो गई है। सत्ता के गलियारे में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर क्या वजह है कि जंग को अपना कार्यकाल पूरा होने के लगभग डेढ़ वर्ष पहले ही राजनिवास छोड़ने का फैसला करना पड़ा। एक सवाल यह भी है कि आगे दिल्ली सरकार और राजनिवास के बीच अब तक जारी जंग खत्म होगी या और बढ़ जाएगी। कांग्रेस के कार्यकाल में राजनिवास पहुंचने वाले नजीब जंग के लिए भाजपा सरकार के साथ तालमेल बिठाकर आगे बढ़ना बड़ी चुनौती थी। यही कारण है कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही उनकी विदाई की चर्चा शुरू हो गई थी, लेकिन लगभग ढाई वर्षो तक इस सरकार के साथ उन्होंने काम किया। इस बीच वह लगातार आम आदमी पार्टी सरकार के निशाने पर रहे। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके मंत्री उपराज्यपाल पर केंद्र के इशारे पर दिल्ली सरकार के काम में रुकावट डालने का आरोप लगाते रहे। इस लड़ाई में कई बार अमर्यादित टिप्पणी भी हुई, लेकिन नजीब अपने काम में लगे रहे और दिल्ली सरकार के कई फैसलों को निरस्त किया। सरकार की फाइलों की जांच के लिए शुंगलू कमेटी बनाई। दिल्ली महिला आयोग के कर्मचारियों का वेतन रोकने, मेंबर सेक्रेटरी की नियुक्ति और मंगलवार को अदालत के नोटिस के बाद नजीब जंग और मालीवाल के बीच संबंध बहुत तल्ख हो गए थे।

 

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