अस्पताल से छुट्टी मिलने के 3 दिन बाद ही काम में जुटी सुषमा स्वराज

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अस्पताल से छुट्टी मिलने के तीन दिन बाद ही काम में जुट गई हैं। घर पर स्वास्थ्य लाभ ले रहीं सुषमा स्वराज ने एक भारतीय दंपति के आरोपों को लेकर नॉर्वे में भारत के राजदूत से रिपोर्ट की मांगी है। सुषमा ने ट्वीट किया, ‘‘मैंने नॉर्वे में मौजूद भारतीय राजदूत से रिपोर्ट भेजने को कहा है।’’  दंपति के जरिए अपने बच्चे को वापस पाने में मदद की गुहार लगाए जाने के बाद भाजपा नेता विजय जॉली ने विदेश मंत्री और नॉर्वे में भारत के राजदूत को पत्र लिखा था। पत्र में जॉली ने ‘आधारहीन और झूठी शिकायत’ के आधार पर 13 दिसंबर को नॉर्वे के बाल कल्याण विभाग के जरिए पांच साल के बच्चे (आर्यन) को जबरन अपने पास रखने को लेकर चिंता जताई थी।’ वहीं पीड़ित दंपति ने भी आरोप लगाया कि दुर्व्यवहार की एक झूठी शिकायत पर नॉर्वे के अधिकारियों ने उनके बेटे को उनसे अलग किया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए सुषमा स्वराज ने तुरंत इसे संज्ञान में लिया। जबकि 19 दिसंबर को अस्पताल से डिस्चार्ज होने के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें करीब तीन महीने तक पूरा आराम करने की सलाह दी है। इसी बीच विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा, ‘‘ओस्लो में हमारे दूतावास के अधिकारियों ने बच्चे के पिता अनिल कुमार शर्मा से बात की ओर पूर्ण समर्थन जताया। हालांकि शर्मा ने मिशन को सूचित किया कि उन्होंने मामले में अपने प्रतिनिधित्व के लिए एक वकील रखा है।’’ नॉर्वे के दूतावास के प्रवक्ता ने बताया, ‘‘हम लोगों ने नॉर्वे में संबंधित अधिकारियों से अधिक जानकारी मांगी है और उनके जवाब की प्रतीक्षा कर रहे हैं।’’ गौरतलब है कि वर्ष 2011 के बाद यह तीसरा मामला है जब दुर्व्यवहार के आधार पर नार्वे में अधिकारियों ने भारतीय मूल के दंपतियों से उनके बच्चों को अलग कर दिया।

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