8 लोगों ने किया गैंगरेप तो ‘निर्भया’ ने खुद को लगाई आग

चूरू, राजस्थान/नगर संवाददाताः दिल्ली के निर्भया रेप केस की चौथी बरसी पर शुक्रवार को राजस्थान में भी ऐसा एक शर्मनाक और घिनौना मामला सामने आया है। राजस्थान की इस ‘निर्भया’ के साथ जो हुआ उससे आहत होकर जहां उसके पति ने जहर खा लिया वहीं खुद निर्भया ने गुरुवार को आत्मदाह का प्रयास किया है और अब अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है। पीड़िता के साथ हैवानियत करने वाला कोई एक दो नहीं पूरे आठ लोग हैं। और यह पूरा मामला प्रदेश के चूरू जिले के असलखेड़ी गांव का है। पीड़िता विवाहित है और उसके साथ ये दरिंदगी पिछले महीने 22 नवम्बर को हुई। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया लेकिन अभी तक बाकि आरोपी फरार है और जो पीड़ा इस ‘निर्भया’ हो है वो इस जिल्लत के साथ जीना ही नहीं चाहती। पीड़िता अपने पीहर पुनरास गांव जाने के लिए असलखेड़ी गांव से रवाना हुई थी, बस स्टेण्ड पर जब खड़ी थी उसी समय एक बालेरो (जीप)आई और उससे पूछा की कहां जाना है? पीड़िता ने पुनरास गांव जाने की बात कही। इस पर जीप में सवार लोगों ने कहा कि वह भी पुनरास जा रहे हैं। इस पर उस बोलेरो जीप में सवार हो गई। जीप में सवार तीनों लोग उसे पुनरास नहीं ले गए और सुनसान खेतों में ले जाकर दो दिन तक तीनों ने उसके साथ गैंगगरेप किया। खेत में गैंगरेप के बाद तीनों आरोपियों ने पीड़िता को 1 लाख रुपए में अन्य 4 लोगों को बेच दिया। इन चारों लोगों ने तीन दिन तक इस महिला के साथ सामूहिक गैंगरेप किया। गैंगरेप के बाद इन चारों आरोपियों ने भी पीड़िता का सौदा किया। उसे दो लाख रुपए में सरदारशहर तहसील के शिमला गांव के एक व्यक्ति को बेच दिया गया इस व्यक्ति ने भी पीड़िता के साथ दरिंदगी की और कई बार रेप किया। इस बीच पीड़िता के पीहर पक्ष और ससुराल वालों ने भालेरी पुलिस थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 28 नवंबर को शिमला गांव से रेस्क्यू किया। पीड़िता के मिलने के अगले दिन यानि 29 नवम्बर को उसने परिजनों के साथ महिला थाने पहुंचकर मामला दर्ज कराया। इसमें नामजद 8 लोगों के खिलाफ अपहरण, खरीद फरोख्त व गैंगरेप का मामला दर्ज करवाया गया। इस मामले की जांच सरदारशहर के डीवाईएसपी राजेन्द्र ढिढारिया को सौंपी गई। डीवाईएसपी ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी जब पीड़िता के पति को लगी तो उसने जहर खा कर खुदकुशी का कदम उठाया। हालांकि समय रहते परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंच गए और उसकी जान बच गई। हालांकि परिजनों को इलाज के लिए पहले चूरू और फिर बीकानेर अस्पतालों के चक्कतर लगाने पड़े। पीड़िता का पति तो बच गया लेकिन खरीद फरोख्त और गैंगरेप से पीड़ित महिला इस सदमे से उबर नहीं पाई। खुद को शर्मसार महसूस करते हुए अवसाद में चली गई। इस घटना के बाद से पीहर से ससुराल में किस मुंह से जाने की बात कहते उसने खुदकुशी की बात भी कही लेकिन पीहर और ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे समझाया और ऐसा कुछ भी नहीं करने की नसीहत दीं। लेकिन गुरुवार को पीड़िता अपने पीहर में घर में अकेली थी उसी समय उसने आत्मदाह करने की नीयत से केरोसिन डालकर आग लगा ली। पीड़िता को जलते देख पड़ोसी और परिजनों ने आग बुझाई। इसके बाद उसे तारानगर और चूरू के अस्पताल पहुंचाया गया जहां से उसे गंभीर हालत में बीकानेर रेफर कर दिया गया। अब पीड़िता जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। पीड़िता के पीहर और ससुराल पक्ष के लोग भी इस घटना से आहत और दुखी हैं।

Share This Post

Post Comment