मुस्लिम पर्सनल लॉ में हस्तक्षेप बर्दास्त नहीं -अबू असीम आजमी 

मुंबई, महाराष्ट्र/नजीर मुलाणीः महाराष्ट्र अध्यक्ष अबू असीम आजमी ने केंद्र सरकार के निर्णय का विरोध करते हुए कहा है कि देश का मुसलमान मुस्लिम पर्सनल लॉ में हस्तक्षेप बर्दास्त नहीं करेगा। उन्होंने तीन तलाक,बहु विवाह और यूनिफॉर्म सिविल कोड पर सरकार के रुख का मुस्लिम संगठनों के विरोध का स्वागत किया है। इसी के साथ ही आजमी ने सरकार से इस सन्दर्भ में सरकार की तरफ से दायर हलफनामे को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि तीन तलाक शरीयत के तहत निर्धारित है।  मुसलमान इसी का पालन करेगा। ऐसे में मुस्लिम पर्सनल लॉ में हस्तक्षेप मजहबी आजादी में एक तरह से दखल है। इसे देश का मुसलमान नहीं मानेगा और हर तरफ से देश का मुसलमान सरकार के फैसले का विरोध करेगा। आजमी ने कहा कि एक मुस्लिम लोकप्रतिनिधि होने के नाते वो मुस्लिम पर्सनल लॉ में हस्तक्षेप का पूरजोर और हर तरह से विरोध और बहिष्कार करेंगे। सरकार की तरफ से मजहबी दखलअन्दाजी को वो कतई बर्दास्त नहीं कर सकते। उन्होंने केंद्रीय लॉ कमीशन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस आयोग के सदस्य आरएसएस और भाजपा से संबंधित हैं। ऐसे में एक साजिश के तहत देश पर समान आचार संहिता थोपने की कोशिश की जा रही ,लेकिन उनकी साजिश कामयाब नहीं होगी। आजमी ने कहा कि देश का मुसलमान सरकार और लॉ कमीशन की साजिश को कामयाब नहीं होने देगा।

Share This Post

Post Comment