बाबा रामदेव के पतंजलि दलिया में रेंगते कीड़े

देहरादून, उत्तराखंड/नगर संवाददाताः ‘योगगुरू बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड देश की सबसे बड़ी एडवर्टाइजिंग कंपनी बन चुकी है’। ‘बाबा रामदेव ने करीब 300 करोड़ रुपए सिर्फ अपने एफएमसीजी उत्पादों के टीवी प्रचार के लिए खर्च कर दिए हैं’। ये आँकड़े टीवी विज्ञापनों पर नजर रखने वाली संस्था बार्क ने जारी किए थे। आपने भी देखे होंगे कि  बाबा रामदेव ने विदेशी छोड़ो स्वदेशी अपनाओ के नाम पर पतंजलि उत्पादों का खूब प्रचार किया। उत्पादों का प्रचार करना ठीक है लेकिन लगता है बाबा रामदेव ने अपने उत्पादों की गुणवत्ता से ध्यान हटा लिया है। ताजा मामला रामदेव की पतंजलि दलिया से कीड़े निकलने का है। इससे पहले भी पतंजलि उत्पादों से कीड़े और ख़राब गुणवत्ता की खबरें आती रही हैं। मामला हरिद्वार के  कनखल में कुशवाहा नगर का है। सर्वेश सिंह तोमर कल दिन में अपनी कॉलोनी के साँई प्रॉविजन स्टोर से सामान लेकर आई। उन्होंने जब बाबा रामदेव का पतंजलि दलिया खोलकर पकाना चाहा तो उसमें से कीड़े निकलकर रेंगने लगे। एक नजर में तो सर्वेश जी को लगा कि शायद रामदेव की दलिया में अब ड्राई फ्रूट पड़ने लगे हैं लेकिन उनके रेंगने से समझ आ गया कि ये ड्राई फ्रूट नहीं कीड़े हैं। उन्होंने कुछ कीड़े अलग करके जैसे ही उसे पकाना शुरू किया तो दूध में भी कीड़े तैरने लगे। इसके बाद दलिया खाने का विचार उन्होंने छोड़ दिया। उनके पुत्र वीरेश्वर ने ये सारी सूचना अपने फेसबुक एकाउंट पर भी साझा की और इस बैच के दलिया खरीदने से बचने की सलाह भी दी है। वीरेश्वर ने बात-चीत में बताया कि दलिया के पैकेट पर बनाने की तिथि 5 सितंबर 2016 दी गई है और लिखा है कि पैकिंग की तिथि से 4 महीने तक यह इस्तेमाल के लिए सुरक्षित है। वीरेश्वर ने इसका वी़डियो भी बनाया हुआ है। उन्होंने अभी तक कोई रिपोर्ट नहीं की है लेकिन उनका कहना है कि वो स्वदेशी केंद्र जाएँगे और इसकी शिकायत करेंगे। इससे पहले भी पतंजलि आटा और पतंजलि आटा नूडल्स में कीड़े निकलने की खबरें आ चुकी हैं। इससे पहले खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने कहा था कि बाबा रामदेव ने अपने कुछ उत्पाद लांच करने में खाद्य सुरक्षा के मानकों का उल्लंघन किया है। हालाकि बाबा रामदेव की पतंजलि संस्था ने इस पर सफाई भी दी थी।

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