32000 मछुवारों को मिलेगा आवास

रांची, झारखंड/नगर संवाददाताः झारखंड में मत्स्य पालन नीली क्रांति के रूप में जाना जाए, इसके लिए राज्य सरकार हर संभव कोशिश कर रही है. इसी कड़ी में राजधानी में गुरुवार को राज्यस्तरीय मत्स्य महोत्सव का आयोजन किया गया जिसमें मुख्यमंत्री ने 32 हजार मछुवारों को आवास देने का वादा किया. मत्स्य उत्पादन में झारखंड देश के अग्रणी राज्यों में से एक है. हाल के वर्षों में मत्स्य उत्पादन की बदौलत कई लोगों की जिंदगी बदल गई है. इसे नीली क्रांति का नाम दिया गया है जिसके लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास कर रही है. विधानसभा मैदान में आज राज्यभर के मत्स्य मित्र जुटे जिन्होंने अपने अनुभव किए. इस दौरान कई ऐसे उदाहरण आए जो आज मछली उत्पादन की बदौलत बेहतर जिंदगी जी रहे हैं और समाज के लिए प्रेरणा बन चुके हैं. कृषि मंत्री रंधीर सिंह ने दो टूक शब्द में कहा की आने वाले समय में डोभा की संख्या पांच लाख की जाएगी ताकि मछली उत्पादन सुलभ हो सके. जिनके पास मछली पालन के अपने साधन नहीं हैं, वे भी मछली पालन कर जीविका पा सके. मुख्यमंत्री रघुवर दास ने 33 हजार बेघर मछुआरों को वेद व्यास योजना के तहत आवास देने का वादा किया है. कहा कि, मछली उत्पादन के क्षेत्र से जुड़ने वाले हर व्यक्ति के प्रशिक्षण से लेकर व्यवसाय तक में सरकार पूरी मदद करेगी. घोषणा की कि मत्स्य मित्रों का 2 लाख का बीमा सरकार करेगी. मछली उत्पादन के लिए 90 फीसदी तक अनुदान मिलेगा. मत्स्य फेडरेशन का गठन 2 माह में होगा बहरहाल, मछली खाओ बलवान बनो, मछली बेचो धनवान बनो की सोच के साथ काम कर रही राज्य सरकार को जमीन पर काफी कुछ अभी करने की जरूरत है. उम्मीद की जानी चाहिए कि इसके लिए इस तरह के महोत्सव मील का पत्थर साबित होंगे.

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