कॉलेजियम से अलग स्वतंत्र पैनल बनाने संबंधी याचिका सुप्रीम कोर्ट में खारिज

नई दिल्ली/नगर संवाददाताः सुप्रीम कोर्ट ने हायर ज्यूडिशियरी के लिए जजों के चयन के लिए एक स्वतंत्र पैनल की मांग करने वाली याचिका मंगलवार को खारिज कर दी. कोर्ट ने कहा कि जिस चीज की मांग की जा रही है, उसके लिए संविधान संशोधन की जरूरत होगी और सुप्रीम कोर्ट यह नहीं कर सकता है. जस्टिस अरुण कुमार मिश्रा एवं जस्टिस उदय उमेश ललित की बैंच ने नेशनल लॉयर्स कैम्पेन (एनएलसी) की याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि इस तरह की नियुक्ति प्रणाली तैयार करना संसद का काम है, न कि न्यायपालिका का. याचिकाकर्ता की ओर से मामले की पैरवी कर रहे वकील मैथ्यू नेदुमपारा ने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट्स के जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इस दौड़ में अधिक से अधिक वकील शामिल हो सकें. न्यायिक पारदर्शिता के लिए राष्ट्रीय वकीलों के अभियान ने याचिका दायर की थी. याचिका में उम्मीदवारों के व्यापक समुच्चय से न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए एक खुली और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया की मांग की गई थी. वकील ने तर्क दिया कि जजों के संबंधी हायर ज्यूडिशियरी में शामिल किए जा रहे हैं. याचिकाकर्ता संगठन के लिए तर्क देते हुए एक समय वकील की आवाज काफी ऊंची हो गई, जिस पर पीठ ने कहा कि वह अदालत को संबोधित कर रहे हैं या अदालत कक्ष के पीछे गैलरी को, जहां मीडिया के लोग बैठे हैं.

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