कर्ज में डूबे किसान ने पत्नी, बच्चे समेत खुद को गोली मारकर की ख़ुदकुशी

माहोबा, उत्तर प्रदेश/नगर संवाददाताः प्राकृतिक आपदाओं का दंश झेल रहे बुंदेलखंड के महोबा में किसान ने अपनी पत्नी और बच्चे सहित खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है. इस बीच इस ह्रदय विदारक घटना को संदेह के घेरे में लेते हुये पुलिस फोरेंसिक टीम को बुलाकर जांच में जुट गई है. बीते एक दशक से बुंदेलखंड का महोबा जनपद का किसान प्राकृतिक आपदाओं की मार से कराह उठा है. बैक और साहूकारों के कर्ज के बोझ तले दबकर सैकड़ों किसान पहले भी आत्महत्या का रास्ता अख़्तियार कर चुके हैं. ऐसा ही एक मामला खरेला थाना क्षेत्र के धवारी गांव में देखने को मिला जहां किसान भगवंत सिंह ने बैक और साहूकारों के लाखों रूपये के क़र्ज़ से परेशां होकर पत्नी सीता और बेटे हिमांशु की गोली मारकर हत्या कर दी और खुद को भी गोली मार ली. परिजनों और पुलिस ने बताया कि मृतक परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी. कई दिनों से पत्नी और बच्चे बीमार थे. भारी बारिश से आठ बीघा जमीन में होने वाली फ़सल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी थी. इस बीच पति, पत्नी और बच्चे की गोलीमार कर संदिग्ध परिस्थिति में मौत की सूचना मिलने पर मौके में पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर घटना की जांच में जुट गई. लेकिन शवों को देखकर ग्रामीणों में चर्चा का बाजार गर्म है. कोई अपनी जुबानी कुछ कहने को तैयार नहीं है. लोग कई सवाल उठा रहे हैं. जब इस घटना को अंजाम दिया गया तो सब एक साथ चारपाई पर कैसे रह गए? किसी ने भागने का प्रयास क्यों नही किया? बारदात के बाद मौके से बरामद तमंचा आखिर आया कहां से आया और घटना के बाद चारपाई के नीचे कैसे पहुंच गया? मृतक भगवंत सिंह के दोनों हाथ सीने पर कैसे हैं? यह बात किसी के गले नही उतर रही. ऐसे अनेकों सवाल लोगों  के जेहन में हैं. फ़िलहाल मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटना की विवेचना के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा की यह हत्या है कि आत्महत्या.

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