आरम्भिक तौर पर कराए जा रहे सर्वे में शहर के अधिकांश बाशिंदें सहयोग ही नहीं कर रहे

भरतपुर, राजस्थान/नगर संवाददाताः शायद शहरवासियों को ‘स्मार्ट’ बनना रास नहीं आ रहा। केन्द्र सरकार की ओर से शुरू की गई स्मार्ट सिटी योजना के तहत नगर निगम की ओर से आरम्भिक तौर पर कराए जा रहे सर्वे में शहर के अधिकांश बाशिंदें सहयोग ही नहीं कर रहे। ऐसे में वांछित जानकारी नहीं देने वाले मकान मालिकों पर सख्ती करते हुए नगर निगम ने उन्हें नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार स्मार्ट सिटी योजना के तहत नगर निगम क्षेत्र के सभी पचास वार्डों में सम्पत्ति के सर्वे क काम गत दिनों शुरू किया गया था। सर्वे करने वाली एजेंसी को उम्मीद थी कि भरतपुरवासी इस काम को हाथों-हाथ लेंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। सर्वे एजेंसी के सर्वेयर के घरों पर पहुंचने के साथ ही उनसे उल्टे सवाल-जवाब किए जा रहे हैं। सर्वे के संबंध में जानकारी मांगने पर भी लोग या तो जानकारी देने से कतराते हैं अथवा किसी प्रकार का झंझट लगे लगने की आशंका के चलते वे सम्पूर्ण एवं सटीक जानकारी नहीं देते। ज्यादा परेशानी उन कॉलोनियों में आ रही है जहां पढ़ा-लिखा तबका सबसे ज्यादा है। कई लोग सर्वे प्रपत्र को भी फाड़कर फेंक देते  हैं।

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