दहेज़ खातिर दरिंदा बना पति पत्नी पर की हैवानियत की इंतहा

नालन्दा, बिहार/शिव शंकर लालः बेटियां जहा ओलम्पिक से लेकर हर फिल्ड में पुरुषों को मात दे रही है। वही दूसरी तरफ बिहार के नालन्दा जिले में एक पति की हैवानियत ने दरिंदगी की सारी हदें पार करते हुए इंसानियत को शर्मशार करने वाली घटना को अंजाम दिया है।  मिली जानकारी के अनुसार नालन्दा के दीपनगर थाना क्षेत्र के देवीसराय मोहल्ले  में एके ह्रदय विदारक घटना को अंजाम दिया गया है। दहेज़ के एक लाख रूपये खातिर हैवान बने पति और उसके माँ बाप समेत 4 लोगो ने हैवानियत की सारी इंतहा पार करते हुए अपनी ब्याहता पत्नी के गुप्तांग में गरम लोहे का सरिया डाल दिया और मौके से फरार हो गया। घटना के बाद से महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।जहाँ उसकी हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। पीड़िता ने गुरुवार को पति समेत चार को आरोपित कर घटना की प्राथमिकी महिला थाने में दर्ज कराई है। पुलिस कार्रवाई व पीड़िता के इलाज के प्रक्रिया में जुट गई है। घटना का विस्तार लिखने में पहली बार कंप्यूटर के कीबोर्ड पर उंगलिया थरथरा रही है। मन में लगातार द्वन्द चल रहा है कि क्या ये घटना इंसान का कृत्य हो सकता है ? सोचियेगा सवाल हम सब की लिए है और बेहद जरुरी भी है। इस त्रासाद घटना में पीड़िता की उम्र महज 17 साल है। माँ ने मेहनत मजदूरी कर के पाई पाई जोड़ कर अपनी बिटिया की शादी अस्थावां के पेढ़का निवासी संतोष चौधरी से हुई थी। किशोरी की मां ने मेहनत मजदूरी कर बच्ची की शादी की थी। उसके पिता बचपन में ही घर छोड़कर कहीं चले गये और फिर वो लापता हो गए। माँ ने बिटिया की शादी में यथा शक्ति दान दहेज़ दिया लेकिन शादी के बाद से ही ससुराल वाले दो लाख रुपया की लगातार मांग कर रहे हैं। माँ ने बेटी के भविष्य खातिर किसी तरह इधर उधर कर्ज़ा इत्यादि के सहारे एक लाख का प्रबंध भी किया पर मांग जारी रही तो किशोरी की मां ने एक लाख रुपया देने में असमर्थता जतायी। माँ के इनकार पर लड़की के पति संतोष चौधरी समेत ससुराल के अन्य सदस्य उसे प्रताड़ित करने लगें। दो दिन पूर्व पति उसे देवीसराय स्थित अपने फुफेरे भाई चंद्रिका चौधरी के घर लेकर आया।साथ में सास-ससुर व ननद भी थी। एक बार पुनः ससुराल वालों ने किशोरी को कमरे में बंधक बना लिया और अपनी माँ से पैसे मांगने का दबाव बनाते हुए मारपीट शुरू कर दिया। अपने साथ हो रहे मार पीट से आहत किशोरी रोती रही और अपनी माँ की मजबूरियों के बात बताती रही। लेकिन पैसे खातिर अंधे बन चुके संतोष और उसके परिजन पर हैवानीयत सवार थी अचानक उसका पति लोहे का गर्म सरिया लेकर आया और उसके गुप्तांगो को दागने लगा दर्द से बिलबिलाती किशोरी के हालात पर भी उन्हें तरस नहीं आया और फिर तो पति ने हैवनियात की सारी हदें पार करते हुए गर्म लोहे का सरिया उसके गुप्तांग में ही घुसेड़ दिया। एक चीख के साथ वो बेसुध हो गई तो सभी आरोपी भाग निकले।

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