नाबालिग बेटी के सामने मां के साथ दबंगों ने किया गैंगरेप

बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश/नगर संवाददाताः बुलंदशहर की ही तरह शाहजहांपुर में दलित परिवार की नाबालिग बेटी के सामने उसकी मां के साथ गैंगरेप करने और बाद में बेटी के साथ भी रेप की कोशिश का सनसनीखेत मामला सामने आया है. इतना ही नहीं आरोप है कि दबंगों ने गैंगरेप और बेटी को नंगा करने का अश्लील वीडियो भी बनाया. लेकिन पूरे मामले में चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस ने पीड़ितों की रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय उन्हें थाने से भगा दिया. वारदात के तीन महीने बाद भी कार्यवाई न होने पर पीड़ित महिला और उसकी बेटी ने परिवार सहित जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गये हैं. वही समाजसेवी पीड़ित परिवार के लिए आगे आये हैं. मामला 29 मई 2016 का है.जिलाधिकारी कार्यालय के सामने परिवार के साथ धरने पर बैठी दलित महिला और बेटी के साथ जो हुआ वो बुलंदशहर की गैंगरेप की घटना से कम नहीं है. धरने पर बैठी महिला और उसकी 13 साल की नाबालिग बेटी थाना खुदागंज इलाके की रहने वाले हैं. दोनों का आरोप है कि गांव के ठाकुर बिरादरी के तीन दबंगों रामाधार सिंह, रजिस्टर सिंह, राम दयाल ने शौच जाते वक्त उसे दबोच लिया. इसके बाद तीनों दबंग उसे गन्ने के खेत में खींच कर ले गये. जहां तीनों ने उसकी बेटी के सामने मां का गैंगरेप किया और बेटी के कपड़े उतार कर उसके साथ भी अश्लील हरकते की और रेप करने की कोशिश की. इतना ही नहीं दबंगों ने मां और बेटी का मोबाइल से अश्लील वीडियो बनाया और धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो वीडिया पूरे गांव में बांट देंगे. जब पीड़ित परिवार थाने पहुंचा तो एक सपा नेता के दबाव में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बजाए उन्हे थाने से भगा दिया. घटना 29 मई 2016 की है. जिसके बाद से दलित मां और बेटी थाने और पुलिस के आलाधिकारियों के चक्कर काट रही थी, लेकिन आरोपियों के खिलाफ आज तक कोई कार्यवाई नहीं की गई. कार्यावाई न होने पर गुरुवार से मां और बेटी अपने पूरे परिवार के साथ डीएम आफिस के सामने धरने पर बैठ गई हैं. हालांकि पुलिस का कोई भी अधिकारी इस मामले पर बोलने को तैयार नहीं है, लेकिन भाजपा एमएलसी मामले को सदन तक ले जाने की बात कर रहे हैं. वहीं समाजसेवी ने भी पुलिस और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.

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